नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र सरकार के भ्रष्टाचार और गलत कार्यों पर यदि आम जनता और विपक्ष सवाल उठाते हैं, तो उन्हें ‘भाड़े के टट्टू’, देख लूंगा जैसी धमकियां देना राज्य के गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। जनता के पैसों का हिसाब जनता जरूर पूछेगी, इसमें नाराज़ होने का कोई कारण नहीं है। लेकिन देवेंद्र फडणवीस द्वारा ‘देख लूंगा’ जैसी भाषा का प्रयोग अत्यंत निंदनीय और आपत्तिजनक है। देवेंद्र फडणवीस जी को यह याद रखना चाहिए कि आप ही महाराष्ट्र नहीं हैं। यह जोरदार हमला महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया है।
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि सुसंस्कृत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के मुंह से ‘कुत्ते’, ‘भाड़े के टट्टू’ जैसे शब्द शोभा नहीं देते। यह भाषा टपोरी लोगों की है। लोकतंत्र में सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है। देवेंद्र फडणवीस जी के गुस्से की वजह यह है कि कांग्रेस पार्टी ने ‘मिसिंग लिंक परियोजना’ में हुए कथित भ्रष्टाचार की पोल खोली और उन्हें ‘इन्फ्रा मैन’ की बजाय ‘डिजास्टर मैन’ कहा, जो उन्हें चुभ गया। उन्होंने कहा कि मैंने किया, मैंने किया कहकर अपनी ही पीठ थपथपाने वाले फडणवीस को यह बात रास नहीं आई। लेकिन क्या उन्होंने ये सारे काम अपने घर के पैसों से किए हैं? यह जनता का पैसा है। यदि जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है, तो लोग सवाल जरूर पूछेंगे। इसलिए देवेंद्र फडणवीस को अपना अहंकार छोड़ना चाहिए।
मिसिंग लिंक परियोजना के संदर्भ में उन्हें डिजास्टर मैन कहे जाने पर फडणवीस ने कहा कि जिसे कुछ समझ नहीं, जिसकी अक्ल नहीं, उससे क्या बात करनी। ऐसा लगता है कि सारा ज्ञान केवल उन्हीं के पास है। फडणवीस ने मुझ पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है, लेकिन झूठ कौन बोल रहा है, इसका फैसला करने के लिए मैं नार्को टेस्ट कराने को तैयार हूं। क्या आप तैयार हैं? सपकाल ने यह सवाल उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि नासिक में कांग्रेस का आंदोलन न हो, इसलिए बादल फटने की अफवाह स्वयं देवेंद्र फडणवीस ने फैलवाई थी। अलग विदर्भ, आरक्षण, लाडकी बहन योजना, समृद्धि महामार्ग में कथित भ्रष्टाचार, मिसिंग लिंक परियोजना में कथित भ्रष्टाचार तथा मुंबई की जमीनें किसे बेची गईं? इन सभी मामलों की सच्चाई महाराष्ट्र की जनता के सामने आनी चाहिए। इसके लिए नार्को टेस्ट कराया जाए, ऐसा खुला चुनौतीपूर्ण आह्वान भी हर्षवर्धन सपकाल ने किया।
किसान कर्जमाफी की घोषणा छलावा: सपकाल
भाजपा-महायुति सरकार द्वारा घोषित किसान कर्जमाफी शुरू से ही एक छलावा रही है, यह बात हम लगातार कहते आए हैं। सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा तो कर दी, लेकिन अब तक किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया है। इसी के विरोध में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल राज्यभर में आंदोलन कर रहे हैं। सरकार चर्चा के लिए बुलाती है, लेकिन चर्चा ही नहीं करती। भाजपा-महायुति सरकार किसान विरोधी है, ऐसा भी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।
