नेटवर्क महानगर/बीड
महाराष्ट्र के बीड ज़िले में पुरुषोत्तमपुरी में चल रहे धार्मिक उत्सव के दौरान बुधवार, (10 जून) को एक दुखद हादसा हुआ। यहां गोदावरी नदी में 35 से ज़्यादा तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक नाव पलट गई। यह घटना तब हुई जब भगवान पुरुषोत्तम के ऐतिहासिक मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए हुए थे। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय प्रमिला राठौड़ और 60 वर्षीय कांता अंधाले के तौर पर हुई है। गंभीर रूप से घायल कई अन्य यात्रियों को पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस हादसे का मुख्य कारण नाव में क्षमता से ज़्यादा लोगों का सवार होना था। उत्सव के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए, नाव संचालक ने ज़्यादा यात्रियों को ले जाने के लिए समुद्री सुरक्षा के बुनियादी नियमों का उल्लंघन किया।
नाव अपनी अधिकतम क्षमता से कहीं ज़्यादा भरी हुई थी, जिसके काऱण बीच नदी में उसका संतुलन बिगड़ गया। वजन का संतुलन बिगड़ने से नाव अस्थिर होकर पलट गई, जिससे तीन दर्जन से ज़्यादा पुरुष, महिलाएं और बच्चे गहरे पानी में गिर गए।
स्थानीय ग्रामीणों, मछुआरों और पुलिस की तत्परता के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई। मदद के लिए चीख-पुकार सुनकर, स्थानीय युवा तुरंत नदी में कूद पड़े और संघर्ष कर रहे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके कुछ ही देर बाद आपातकालीन बचाव दल बचाव अभियान का समन्वय करने के लिए पहुंचे और पानी में फंसे ज़्यादातर श्रद्धालुओं को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।
मामले की की जांच के आदेश
इस हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीड ज़िला कलेक्टर विवेक जॉनसन ने जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया। तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए, कलेक्टर जॉनसन ने नाव पलटने की घटना के लिए जिम्मेदार खामियों की जांच के लिए सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) स्तर की जांच के आदेश दिए। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच की जाएगी और नाव संचालकों तथा लापरवाही के दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
