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नेटवर्क महनगर / मुंबई
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर के पूर्वी उपनगरों में एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव रखा है, जो मुंबई का 7वां मेडिकल कॉलेज बन सकता है। बीएमसी ने गोवंडी स्थित शताब्दी अस्पताल से जुड़ा 100 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए रुचि पत्र (EOI) आमंत्रित किया है। इस परियोजना की योजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बनाई गई है।
बीएमसी के परिधीय अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक चंद्रकांत पवार ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि महानगरपालिका फिलहाल ईओआई के जवाबों का इंतजार कर रहा है। अगर मंजूरी मिल जाती है, तो यह मुंबई के पूर्वी उपनगरों में पहला मेडिकल कॉलेज होगा।
बता दें कि वर्तमान में मुंबई में दो सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, ग्रांट मेडिकल कॉलेज और सेंट जॉर्ज मेडिकल कॉलेज। बीएमसी स्वतंत्र रूप से अपने प्रमुख अस्पतालों से जुड़े चार अन्य कॉलेजों का संचालन करती है। केईएम, सायन, नायर और कूपर अस्पताल। इसके अलावा, राज्य सरकार ने हाल ही में अंबरनाथ और रायगढ़ में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए हैं। वहीं ठाणे महानगरपालिका के पास भी एक अस्पताल है। ऐसा प्रतीत होता है कि बीएमसी इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ रही है, जिसका उद्देश्य शहर के वंचित पूर्वी उपनगरों में चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना तथा स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।
हाल ही में, बीएमसी के शिक्षा विभाग के 5 कर्मचारियों, जिन्हें विकलांगता कोटे के तहत नियुक्त किया गया था, को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। क्योंकि नए चिकित्सा मूल्यांकन में उनकी विकलांगता का स्तर आवश्यक 40 प्रतिशत से कम पाया गया। यह मूल्यांकन विभिन्न विभागों में विकलांगता आरक्षण के दुरुपयोग पर बढ़ती चिंताओं के जवाब में शुरू की गई व्यापक राज्यव्यापी समीक्षा का हिस्सा था। विकलांग कोटे के तहत नियोजित 135 व्यक्तियों में से 34 का पुनर्मूल्यांकन किया गया और इनमें से पांच को पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले के रूप में पहचाना गया।
