नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई के बोरीवली इलाके से केमिकल खरीदने के नाम पर फर्जी कंपनी और नकली ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर लाखों की ठगी का एम.एच.बी. पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने केमिकल खरीदने के लिए फर्जी कंपनी बनाई और नकली ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट इस्तेमाल कर 17 लाख 65 हजार 375 रुपये की धोखाधड़ी की। एम.एच.बी. पुलिस ने इस मामले में राजस्थान से मुख्य आरोपी ललितकुमार भगवानराम बिश्नोई (36) और उसके साथी विकास बिश्नोई (19) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता निर्मित संजय अजमेरा (32) केमिकल व्यवसाय से जुड़े हैं। आरोपियों ने व्हाट्सऐप के जरिए उनकी कंपनी से केमिकल खरीदने के लिए संपर्क किया। इसके बाद आरोपियों ने बनावटी आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर ‘रामदेव इंडस्ट्रीज’ नाम की फर्जी कंपनी तैयार की। आरोपियों ने फर्जी कंपनी के नाम से विजिटिंग कार्ड और लेटरहेड भी बनवाए और शिकायतकर्ता को अपने झांसे और विश्वास में ले लिया। इसके बाद केमिकल की ऑर्डर देकर आरोपियों ने ऑनलाइन पेमेंट करने का फर्जी PhonePe स्क्रीनशॉट और UTR नंबर भेज दिया। भुगतान वास्तव में खाते में जमा नहीं हुआ, लेकिन पेमेंट होने का भरोसा दिलाकर आरोपियों ने करीब ₹17.65 लाख का केमिकल हासिल कर लिया।
मामला सामने आने के बाद एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की गई। पुलिस को पता चला कि आरोपी लगातार अपना मोबाइल लोकेशन बदल रहे थे। इसके बाद राजस्थान पुलिस और साइबर टीम की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। तकनीकी जांच में सामने आया कि जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था, वो मुख्य आरोपी ललितकुमार बिश्नोई का था। पुलिस ने उसके दूसरे मोबाइल नंबर की भी जांच की और दोनों नंबरों के बीच संबंध स्थापित किया। पुलिस को तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी राजस्थान के जोधपुर के मंडोर में है। इसके बाद पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से जाल बिछाया और ललितकुमार भगवानराम बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच के दौरान उसके साथी विकास बिश्नोई की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में आरोपियों द्वारा महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में इसी तरह की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी आगे फर्जी आधार-पैन और फर्जी सिम कार्ड के जरिए दूसरी कंपनी तैयार करने की योजना बना रहे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ‘श्याम इंडस्ट्रीज’ के नाम से एक और फर्जी कंपनी तैयार कर करीब 39 केमिकल कंपनियों से संपर्क कर उन्हें निशाना बनाने की तैयारी की थी।
