विश्व पर्यावरण दिवस
नेटवर्क महानगर/नवी मुंबई
पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर शुक्रवार, ( 5 जून) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) वाशी मंडल ने वाशी के सेक्टर 7 स्थित कनकेश्वर नवग्रह मंदिर गार्डन और वाशी के मॉडर्न स्कूल में पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय समुदाय को संरक्षण की गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बीजेपी वाशी मंडल के अध्यक्ष विकास बबन सोरते ने की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा और हरा-भरा शहर बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सोरते ने बताया कि स्थानीय समुदाय, स्कूल स्टूडेंट्स और शिक्षक इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण के संदेश को और मजबूत बना सकते हैं।
कार्यक्रम में मॉडर्न स्कूल के बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्टाफ मेंबर्स ने हिस्सा लिया। स्कूल प्रिंसिपल सुमित्रा भोसले भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें ऐसे कार्यक्रमों में शामिल करना बेहद जरूरी है। प्रिंसिपल भोसले ने स्टूडेंट्स की उत्सुक भागीदारी की सराहना की और कहा कि बच्चों के हाथों में पेड़ लगाना उनके लिए एक शिक्षा और जिम्मेदारी दोनों है।
इस मौके पर बबन सोरते ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से लोगों में यह संदेश जाता है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर पर्यावरण को बचाने और हरा-भरा बनाने में योगदान दे सकता है। उन्होंने बताया कि भविष्य में और भी स्कूलों और गार्डन्स में ऐसे जागरूकता और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान कनकेश्वर नवग्रह मंदिर गार्डन में विभिन्न प्रकार के पौधे और पेड़ लगाए गए। स्टूडेंट्स ने सफाई और पौधरोपण के कार्यों में सक्रिय भाग लिया। वहीं, मॉडर्न स्कूल के प्रांगण में भी पेड़ लगाए गए और बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में शामिल अन्य बीजेपी पदाधिकारियों ने भी पर्यावरण की सुरक्षा और पेड़ लगाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और हरियाली की कमी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए समुदाय का सहयोग बेहद जरूरी है।
इस पहल से यह संदेश गया कि न सिर्फ सरकारी या सामाजिक संस्थाएं, बल्कि राजनीतिक संगठन भी पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। बच्चों और युवाओं के बीच इस तरह की गतिविधियों से स्थायी पर्यावरणीय जागरूकता विकसित होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरा-भरा वातावरण सुनिश्चित होगा।
