नेटवर्क महानगर/नवी मुंबई
नवी मुंबई की पनवेल पुलिस ने एक लॉज में चल रहे गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। इस लॉज में वेश्यावृत्ति रैकेट चलाया जा रहा था। पुलिस की रेड के बाद इस लॉज से छह महिलाओं को बचाया गया है।
नवी मुंबई पुलिस कमिश्नरेट के एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTU) ने पनवेल शहर के ‘राहुल पार्क फैमिली रेस्ट्रो गार्डन बार, लॉजिंग एंड बोर्डिंग’ में चल रहे कथित वेश्यावृत्ति धंधे पर कार्रवाई करते हुए इस ऑपरेशन में दो बांग्लादेशी महिलाओं समेत कुल छह महिलाओं को बचाया गया है। इस मामले में लॉज मैनेजर, कैशियर और वेटर को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में लॉज मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है, जो फिलहाल फरार है।
पुलिस कमिश्नर मिलिंद भारम्बे के मार्गदर्शन में, एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर गजानन कदम की लीडरशिप में एक टीम को कॉन्फिडेंशियल जानकारी मिली थी कि संबंधित लॉज में महिलाओं की ट्रैफिकिंग की जा रही है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने में कामयाबी हासिल की। पुलिस ने वेरिफाई करने के लिए प्लानिंग के तहत अपने एक फर्जी कस्टमर को लॉज में भेजा। जैसे ही यह कन्फर्म हुआ कि संबंधित व्यक्ति से वेश्यावृत्ति के लिए 2500 रुपये लिए गए हैं, फिर तो पहले से प्लान किया गया सिग्नल दिया गया और टीम ने अचानक लॉज पर रेड मार दी। सर्च के दौरान दो बांग्लादेशी महिलाओं समेत कुल छह महिलाएं मिलीं। उन्हें रेस्क्यू करके सेफ कस्टडी में ले लिया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि लॉज मैनेजर गामा नंदू सोनकर, कैशियर दीपू उमेश यादव और वेटर प्रियांशु रविदास यादव इन महिलाओं से देहव्यापार करा, पैसे कमा रहे थे। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें पुलिस कस्टडी में भेजा है। मुख्य आरोपी लॉज मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। फिलहाल, वह फरार है और स्पेशल टीमें उसे ढूंढने में लगी हैं।
