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नेटवर्क महानगर / वाराणसी
लंका स्थित एचडीएफसी शाखा में बैंक की सूझबूझ और पुलिस की सक्रियता के चलते एक बड़ी डिजिटल धोखाधड़ी की कोशिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। जिससे एक ग्राहक को एक करोड़ रुपये का चूना लगने से पहले बचा लिया गया।
डॉ. पीआर गुप्ता नामक एक ग्राहक एचडीएफसी बैंक की लंका शाखा पहुंचे और अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को तोड़ने का अनुरोध किया। शाखा की ट्रांजैक्शन असिस्टेंट प्रियतमा ने उन्हें बैंक मैनेजर (BM) से मिलने उनके केबिन में भेजा। बीएम ने लेनदेन का कारण जानना चाहा, लेकिन डॉ. गुप्ता घबराए हुए और हिचकिचाते नजर आए। उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और बिना लेनदेन किए ही केबिन से बाहर चले गए।
बैंक मैनेजर को उनकी स्थिति संदिग्ध लगी और उन्होंने रिलेशनशिप मैनेजर आकाश को डॉ. गुप्ता के घर जाकर स्थिति की जानकारी लेने को कहा। आकाश जब डॉ. गुप्ता के घर पहुंचे, तो बातचीत में यह सामने आया कि डॉ. गुप्ता किसी अनजान व्यक्ति के प्रभाव में थे, जो खुद को पुलिस अधिकारी बता रहा था। उस ठग ने डॉ. गुप्ता को झूठा डर दिखाया कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है और गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्हें अपनी सारी एफडी तोड़कर पैसा बचत खाते में डालना होगा।
ठगी की इस साजिश को समझते हुए बैंक अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। बैंक मैनेजर ने लंका थाने में संपर्क किया, जहां एसएचओ शिवाकांत मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लिया और डॉ. गुप्ता को थाने बुलाया। थाने पहुंचने पर जब पुलिस ने ठग को कॉल किया, तो उसने अपनी पोल खुलती देख फोन स्वीच ऑफ कर लिया। डॉ. गुप्ता ने इस घटनाक्रम के बाद राहत की सांस ली और एचडीएफसी बैंक व पुलिस विभाग का आभार जताया है।
