मुंबई: जब ‘यमराज’ को उतरना पड़ा मुंबईकरों को समझाने, पश्चिम रेलवे की अनोखी पहल

मुंबई: पश्चिम रेलवे ने रूल्स तोड़कर रेल पटरी पार कर अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोगों को जागरूक बनाने के लिए एक अनोखी पहल की है। इसके लिए न्याय और मृत्यु के देवता ‘यमराज’ की पोशाक पहने रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को स्टेशनों एवं आसपास के इलाकों में ऐसे लोगों को रोकने के लिए तैनात किया गया है।
एस.आर गांधी (वरिष्ठ मंडळ सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ) ने बताया कि जब कुछ ही दूरी पर मौत का खतरा होता है और लोग शार्ट कट मारने के लिए पटरियों को पार करने की कोशिश करते हैं तो ये कर्मचारी ‘यमराज’ का अभिनय करते हुए ऐसे लोगों को अपने कंधे पर उठा कर ले जाते हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंदर भाकर ने शुक्रवार को बताया कि यह अभियान अंधेरी और मलाड स्टेशनों पर चलाया गया जो बहुत प्रभावी रहा। इसके बाद इस अभियान को अन्य स्टेशनों पर चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘यमराज’ की वेशभूषा में रेलवे सुरक्षा बल के जवान लोगों को पटरियां पार करने से रोकते हैं। हम आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में ऐसा करेंगे।
बता दें कि मुंबई उपनगरीय ट्रेनों में 70 लाख लोग रोज यात्रा करते हैं और हर रोज आठ से दस लोगों की मौत हो जाती है। भाकर ने बताया कि अक्टूबर 2019 तक पश्चिम रेलवे, रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत 13 हजार 463 लोगों को सजा सुना चुकी है जो इसी अवधि में पिछले साल की अपेक्षा 30 फीसदी अधिक है।

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