
मुंबई, जीटीबी नगर में गुरुवार शाम को पूरे उत्साह व धार्मिक परंपरा के साथ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई. जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रिमझिम बारिश बीच झूमते-नाचते- गाते भगवान जगन्नाथ के रथ को खींच रहे थे. श्रद्धालुओं में महिलाओं का तो उत्साह देखते ही बनता था.
प्रभु जगन्नाथ को भक्तों का भगवान कहा जाता है. जब-जब भक्तों ने भक्ति से उन्हें पुकारा भगवान उसके साथ खड़े हुए नजर आए. कहा जाता है जब तक प्रभु जगन्नाथ का डोरी नहीं लगता तब तक प्रभु के दर्शन नहीं हो पाते है. विशाल रथों को यात्रा में शामिल सारे लोग मिलकर खींचते हैं। कहा जाता है कि रथ खींचने वाले लोगों के सारे दु:ख दूर हो जाते हैं और उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है.
भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा रथ पर एक साथ विराजमान थे. भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र तथा बहन सुभद्रा की एक झलक पाने के लिए लोग हजारों की तादाद में अपने घरों से निकल कर सड़क पर मधुर भजन व घंटों की आवाजों के बीच झूमते- नाचते-गाते चल रहे थे. समाजसेवी सुभाष ढल भक्तों को पानी का बॉटल, बच्चों को फ्रूटी बांट रहे थें तो स्थानिक लोग श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्पवर्षा करते दिखाई दिए.
