सुशांत की मौत से जुड़ी खबरें देख आया गुस्सा, उद्धव-पवार और देशमुख को दे डाली धमकी
मुंबई: राज्य के शीर्ष नेताओं के घरों पर फोन कर धमकाने वाले जिस आरोपी को आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने कुछ दिनों पहले गिरफ्तार किया था, उसने पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि लगातार न्यूज चैनलों पर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़ी खबरे देखने के चलते उसके मन में इन नेताओं की बेहद नकारात्मक छवि बन गई थी। इसीलिए उसने फोन कर इन नेताओं को धमकी दी, लेकिन वास्तव में इन नेताओं को नुकसान पहुंचाने या उन पर हमला करने का उसका कोई इरादा नहीं था।
एटीएस के पिछले महीने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, रांकापा चीफ शरद पवार और गृहमंत्री अनिल देशमुख के घरों पर फोन कर धमकाने के मामले में जिस पलाश घोष नाम के आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने फोन कर धमकी देने की बात स्वीकार कर ली है। उसने बताया कि उसका अंडरवर्ल्ड या दाऊद गिरोह से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस की जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई है। पेशे से इंजीनियर घोष पहले दुबई में काम करता था इसलिए उसके पास वहां का सिमकार्ड था। फिलहाल बेरोजगार होने के चलते वह घर पर ही रहता था और टीवी पर लगातार सुशांत की मौत से जुड़ी खबरें देखता रहता था। खबरें देखकर उसके मन में इन नेताओं की बेहद नकारात्मक छवि बन गई इसलिए उसने दुबई के सिमकार्ड से नेताओं के घरों पर फोन किए। उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री पर फोन के दौरान घोष ने दावा किया था कि वह दाऊद गिरोह से बोल रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के दावों पर शुरूआत में पुलिस ने भरोसा नहीं किया, तकनीकी छानबीन के दौरान भी इस बात की पुष्टि हुई कि आरोपी सही बोल रहा है और उसका इससे पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि वह कंगना रनौत का प्रशंसक नहीं है। बेरोजगारी के चलते वह पहले से ही परेशान था ऐसे में जब सुशांत की मौत से जुड़ी कवरेज लगातार देखी, तो राज्य के नेताओं को लेकर उसके मन में और नफरत भर गई और उसने धमकाने के लिए फोन कर डाला।
