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गुजरात: मेट्रो प्रोजेक्ट के शिलान्यास पर पीएम मोदी का संबोधन, कहा- कोरोना काल में भी इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा

गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने गृह राज्य गुजरात को बड़ी सौगात दी है। पीएम मोदी ने अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के दूसरे चरण और सूरत मेट्रो प्रोजेक्ट का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भूमि पूजन किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, उत्तरायण की शुरुआत में आज अहमदाबाद और सूरत को बहुत ही अहम उपहार मिल रहा है। देश के इन 2 बड़े व्यापारिक केंद्रों में मेट्रो कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का काम करेगी। आज अहमदाबाद में 17 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इंफ्रास्ट्रक्चर का काम शुरू हो रहा है। ये दिखाता है कि कोरोना के इस काल में भी नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को लेकर देश के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं।
पीएम ने कहा, बीते कुछ दिनों में ही देश भर में हजारों करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का या तो लोकार्पण किया गया है या फिर नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हुआ है। 2014 से पहले के 10-12 वर्ष में सिर्फ 225 किमी मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हुई थी। वहीं बीते 6 वर्षों में 450 किमी से ज्यादा मेट्रो नेटवर्क चालू हो चुका है। अहमदाबाद के बाद सूरत गुजरात का दूसरा बड़ा शहर है जो मेट्रो जैसे आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ेगा। सूरत में मेट्रो नेटवर्क एक प्रकार से पूरे शहर के महत्वपूर्ण व्यापारी केंद्र को आपस में कनेक्ट करेगा।
पीएम मोदी ने कहा, आज हम शहरों के trasportation को एक इंटीग्रेटेड सिस्टम के तौर पर विकसित कर रहे हैं। यानी बस, मेट्रो, रेल सब अपने अपने हिसाब से नहीं दौड़ें, बल्कि एक सामुहिक व्यवस्था के तौर पर काम करें, एक दूसरे के पूरक बनें। आज सूरत आबादी के लिहाज से एक तरफ देश का आठवां बड़ा शहर है, लेकिन दुनिया का चौथा सबसे विकसित होता शहर भी है। दुनिया के हर 10 हीरों में से 9 सूरत में तराशे जाते हैं।
पीएम मोदी ने कहा, अहमदाबाद और सूरत को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ने वाली बुलेट ट्रेन का कार्य भी प्रगति पर है। आज गांधीनगर की पहचान है IIT गांधीनगर, गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी, NIIFT, पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी और ऐसे ही अन्य संस्थान।कुछ दिन पहले कच्छ में दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी के प्लांट के लिए काम शुरू हुआ है। जो भारत के अनगिनत लोगों के भाग्य को घड़ रहे हैं।