महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: कांग्रेस नेता सत्यजीत बोले- अगर सरकार बनी तो स्थानीय लोगों को प्राइवेट नौकरियों में मिलेगा 75 प्रतिशत आरक्षण

मुंबई, कांग्रेस ने प्राइवेट नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75 फीसदी आरक्षण और बेरोजगार युवाओं को 5 हजार रुपये महीना भत्ता देने का ऐलान किया।
बता दें कि ऐसा ही दांव आंध्र प्रदेश चुनाव से पहले जगनमोहन रेड्डी ने भी खेला था।
महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष सत्यजीत तांबे ने बुधवार को कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो प्राइवेट कंपनियों में 75 फीसदी नौकरियां राज्य के लोगों के लिए रिजर्व की जाएंगी। कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर जल्द ही विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी करेगी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस-एनसीपी के घोषणापत्र में युवा वोटर्स को लुभाने के लिए बेरोजगारी भत्ता और नौकरियों के बड़े बड़े वादे किए जा सकते हैं।
बेरोजगार युवाओं को मिलेगा 5 हजार रुपए महिना
कांग्रेस ने महाराष्ट्र में सरकार बनने पर 6 महीने के अंदर राज्य में खाली पड़ी 2 हजार नौकरियों को भी भरने का ऐलान किया है। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को 5 हजार रुपये महीना भी दिए जाएंगे। इस मुद्दे के आसरे कांग्रेस को पिछले साल मध्य प्रदेश और राजस्थान चुनाव में कामयाबी मिली थी।
देखने में तो तांबे भोले लगते हैं लेकिन उनकी शैली काफी आक्रमक है। ये वही युवा नेता हैं जिन्होंने नारे लगाते हुए अपने समर्थकों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के एक बड़े पोस्टर पर कालिख पोती थी। पार्टी के बाहर इस पर विवाद हुआ लेकिन पार्टी के अंदर उनका क़द ऊंचा हुआ।
तांबे साफ़ बोलने वालों में से हैं। अपनी पार्टी की आलोचना से भी वे पीछे नहीं हटते, वे कहते हैं, हमने देखा है कि जहां कांग्रेस कई सालों तक सत्ता में नहीं रही, वहां नेताओं और कार्यकर्ताओं को सिर्फ हवाबाज़ी करते देखा। केवल नेतागिरी करते देखा। ग्रासरूट तक मजबूत काम नहीं करते हैं। इसलिए जब तक वे स्थानीय लोगों और स्थानीय श्रमिकों से नहीं जुड़ेंगे और अपना आधार मजबूत नहीं करेंगे, तब तक वे सफल नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के एक बड़े पोस्टर पर पोती थी कालिख
देखने में तो तांबे भोले लगते हैं लेकिन उनकी शैली काफी आक्रमक है। ये वही युवा नेता हैं जिन्होंने नारे लगाते हुए अपने समर्थकों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के एक बड़े पोस्टर पर कालिख पोती थी। पार्टी के बाहर इस पर विवाद हुआ लेकिन पार्टी के अंदर उनका क़द ऊंचा हुआ।
तांबे साफ़ बोलने वालों में से हैं। अपनी पार्टी की आलोचना से भी वे पीछे नहीं हटते, वे कहते हैं, हमने देखा है कि जहां कांग्रेस कई सालों तक सत्ता में नहीं रही, वहां नेताओं और कार्यकर्ताओं को सिर्फ हवाबाज़ी करते देखा। केवल नेतागिरी करते देखा। ग्रासरूट तक मजबूत काम नहीं करते हैं। इसलिए जब तक वे स्थानीय लोगों और स्थानीय श्रमिकों से नहीं जुड़ेंगे और अपना आधार मजबूत नहीं करेंगे, तब तक वे सफल नहीं होंगे।
