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मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली स्कॉर्पियो मालिक की मौत में नया खुलासा: मरने से 3 दिन पहले CM को भेजा था पत्र, लिखा- मैं पीड़ित, लेकिन मुझे आरोपी की तरह ट्रीट किया जा रहा…!

ख़ुदकुशी के दावे को लेकर परिवार कर रहा सवाल?

मुंबई: उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली स्कॉर्पियो गाड़ी के मालिक और ठाणे के व्यापारी मनसुख हिरेन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में शुक्रवार को एक मुम्ब्रा की एक खाड़ी से बरामद हुआ। कीचड़ से सने शव के चेहरे पर रुमाल बंधा हुआ था। इस पूरे मामले की जांच गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई ATS को सौंप दी है। परिवार ने भी इसे हत्या करार दिया है।
इस बीच मनसुख हिरेन का 2 मार्च को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृहमंत्री अनिल देशमुख और मुंबई के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, ठाणे पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र सामने आया है। इस पत्र में हिरेन ने लिखा है कि उन्हें पुलिस और मीडिया की तरफ से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आगे लिखा है कि बार-बार एक ही तरह का सवाल किया जा रहा था। मनसुख ने आरोप लगाया था कि वे इस केस में एक पीड़ित हैं, लेकिन उनके साथ आरोपी जैसा व्यवहार किया जा रहा है।

मनसुख ने पत्र में लिखा- मेरा कोई भी क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं
पत्र की शुरुआत में अपना परिचय देते हुए मनसुख ने लिखा- ‘मैं अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पिछले 16 सालों से ऊपर लिखे पते पर रह रहा हूं, मेरी उम्र 46 साल है और मैं कार एसेसरीज के बिजनेस से पिछले 21 साल से जुड़ा हुआ हूं। मैं स्टाइल क्लासिक कार डेकोर नाम से शॉप चलाता हूं। मैं एक शांतिप्रिय व्यक्ति हूं और मेरा कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है।’
2018 में मैंने अपने इस्तेमाल के लिए स्कॉर्पियो खरीदी थी। 17 फरवरी 2021 की शाम स्कॉर्पियो कार नंबर MH-02-AY-2815 से दक्षिण मुंबई स्थित क्राफर्ड मार्केट किसी काम के लिए ठाणे की अपनी दुकान से निकला था। एरोली का ब्रिज खत्म होकर विक्रोली इलाके का जो सर्विस रोड शुरू होता है, उस पर स्कॉर्पियो कार की स्टीयरिंग लॉक हो गई। जिसकी वजह से मैंने स्कॉर्पियो ईस्टर्न एक्सप्रेस वे पर साइड में पार्क कर दी और ओला से मुंबई गया।
अगले दिन यानी 18 फरवरी 2021 को करीब 12:00 बजे मैं अपनी गाड़ी को लेने के लिए ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर पहुंचा और मुझे पता चला कि मेरी गाड़ी वहां नहीं है। कुछ देर खोजने के बाद मैं विक्रोली पुलिस स्टेशन गया और वहां पर गाड़ी चोरी की FIR दर्ज कराई।
25 फरवरी को दिन में 11:00 बजे एंटी टेरर स्क्वाड (ATS) में तैनात दो पुलिसकर्मी मेरे घर आए और मुझे हैरत में डालने वाली बात बताई। उन्होंने बताया कि चोरी हुई स्कॉर्पियो मुकेश अंबानी के घर के बाहर से बरामद हुई है। कुछ देर पूछताछ के बाद वह वहां से चले गए।
अगले दिन यानी 26 फरवरी को शाम 4:00 बजे चार पुलिसकर्मी मेरे घर आए और मुझे अपने साथ विक्रोली पुलिस स्टेशन ले गए और सुबह 6:00 बजे तक हिरासत में रखा। इसके बाद उन्होंने ही मुझे घर पर ड्राप किया था।
27 फरवरी सुबह 11:00 बजे विक्रोली पुलिस स्टेशन से एक फोन आया। इसी दिन 3:00 बजे घाटकोपर पुलिस स्टेशन से एक और कॉल आई। इसके बाद 1 मार्च 2021 को मुझे नागपाड़ा ATS टीम ने बुलाया और इसी दिन क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के ऑफिस में मुझे सचिन वझे ने फोन कर बुलाया था। सभी जगहों पर बारी-बारी से लगभग एक जैसे सवाल पूछे गए। NIA ऑफिसर ने भी मुझसे पूछताछ की और इसके बाद ज्वाइंट CP मिलिंद भामरे ने भी मुझसे वही सवाल पूछे।
विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा बार-बार की गई पूछताछ की वजह से मेरा सुकून डिस्टर्ब हुआ है। इस मामले में मैं एक पीड़ित हूं, लेकिन मुझे एक आरोपी की तरह ट्रीट किया जा रहा है। मुझे कई न्यूज पेपर वालों और टीवी चैनल के रिपोर्टरों द्वारा भी बेवजह परेशान किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाला फोन कॉल एक रिपोर्टर ने किया। उसने मुझे बताया कि मैं इस केस में एक सस्पेक्ट हूं। मुझे किसी के बारे में कोई जानकारी नहीं है, इसके बावजूद मुझे लगातार परेशान किया जा रहा है। मैं पहले ही अपनी सारी सफाई विभिन्न जांच एजेंसियों को दे चुका हूं, इसके बावजूद मुझे लगातार परेशान किया जा रहा है। इसके बाद अब 5 मार्च को गाड़ी के मालिक हिरेन का शव बरामद हुआ!

स्कॉर्पियो केस की जांच करेगी ATS
इधर, मुकेश अंबानी को धमकी मामले की जांच अब महाराष्ट्र एंटी टेरर स्क्वाड (ATS) की तरफ से की जाएगी। इससे पहले सिर्फ मनसुख हिरेन की मौत की जांच ही महाराष्ट्र ATS को सौंपी गई थी। अब इन दोनों ही मामलों की जांच राज्य ATS करेगी। गौरतलब है कि अंबानी के घर एंटीलिया के पास गुरुवार को एक संदिग्ध स्कॉर्पियो बरामद हुई थी, जिसमें जिलेटिन की 20 छड़ें थीं। कार के अंदर 20 नंबर प्लेट भी मिली थीं। जिसमें कई ऐसे नंबर हैं, जो मुकेश अंबानी के स्टाफ द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कारों से मैच करते हैं। कार में विस्फोटक मिलने के बाद से ही आशंका जाहिर की जा रही है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी निशाने पर हैं। CCTV फुटेज की जांच में सामने आया है कि एंटीलिया के बाहर कार 24 फरवरी की रात करीब एक बजे पार्क की गई थी। इससे पहले ये कार 12:30 बजे रात को हाजी अली जंक्शन पहुंची थी और यहां करीब 10 मिनट तक खड़ी रही।

आत्महत्या की थ्योरी को गलत साबित कर रहे ये 5 पॉइंट्स

मनसुख के चेहरे पर बंधा पांच रुमाल!
मनसुख हिरेन की मौत के बाद उनके शव को कीचड़ से निकाला गया। इसका एक वीडियो सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि उनका पूरा शरीर कीचड़ में सना हुआ है और चेहरे पर पांच रुमाल बंधे हुए हैं। उनके पड़ोसियों का कहना है कि अगर कोई आत्महत्या करेगा तो अपने चेहरे पर 5 रुमाल क्यों बांधेगा।

मनसुख के बड़े भाई ने हत्या करार दिया
मनसुख के बड़े भाई विनोद हिरेन ने इसे हत्या करार देते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विनोद ने बताया कि उनमें और मनसुख में काफी लगाव था और मनसुख हर बातें उनसे शेयर करते थे। अधिकारी जब भी मनसुख को जांच के लिए बुला रहे थे वे जा रहे थे और जाँच में पूरा सहयोग कर रहे थे। विनोद ने कहा कि अगर मनसुख मानसिक तनाव में होते तो मुझे जरूर पता होता।
भाई विनोद के अनुसार, मनसुख की ठाणे के तीन पेट्रोल पंप पर स्पेयर पार्ट्स की दुकानें थीं। उनके तीन बेटे हैं। आर्थिक रूप से संपन्न थे, फिर वे सुसाइड क्यों करेंगे? वे एक हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति थे।

घर से जाने के कुछ घंटे बाद फोन का बंद होना!
मनसुख की पत्नी विमला ने कहा कि गुरुवार रात 8 बजे कांदिवली क्राइम ब्रांच से किसी तावड़े नाम के अधिकारी का फोन आया था। इसके बाद मनसुख ने कहा था कि वे जल्द ही उनसे मिलकर लौटेंगे। विमला ने 10 बजे रात को फोन किया तो उनका फोन बंद आया और जब वे रात 1 बजे तक नहीं लौटे तो परिवार ने पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करवाई।

अच्छे तैराक थे मनसुख हिरेन!
मनसुख के भाई विनोद ने बताया कि वे एक अच्छे तैराक थे और सोसाइटी के बच्चों को तैरना सिखाते थे। विनोद का कहना है कि जो व्यक्ति दूसरों को पानी से बचना सिखाता हो वह पानी में कूदकर खुद जान कैसे दे सकता है? पड़ोसियों का कहना है कि मनसुख घंटों पानी में तैर सकते थे। डूबकर उनकी मौत हो ही नहीं सकती।

पुलिस का इस मामले को लेकर दिया बयान!
मुकेश अम्बानी के घर के पास एंटीलिया के बाहर मिली कार के मामले में पहले जांच अधिकारी रहे मुंबई क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड सचिन वझे का कहना है कि मनसुख हिरेन ने एक कंप्लेंट में कहा था कि कुछ पुलिस अधिकारी और पत्रकार हैं, जो उन्हें परेशान कर रहे हैं। सचिन वझे वही व्यक्ति हैं जिनको लेकर पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कई गंभीर आरोप लगाए थे। फडणवीस के मुताबिक, सचिन और मनसुख दोनों एक दूसरे को जानते थे। सचिन ने भी माना है कि वे मनसुख से परिचित थे।
हालांकि पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह का खुलासा नहीं किया गया। विसरा प्रिसर्व कर आगे की जांच के लिए भेजा दिया गया है। फिलहाल यह यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मनसुख की मौत आत्महत्या है या कुछ और?
शुरुआती जांच में पुलिस को लग रहा है कि मनसुख ने आत्महत्या की है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का विधानसभा में दिया गया बयान भी इसी ओर इशारा कर रहा था। जिस स्थिति में मनसुख का शव बरामद हुआ वह कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है।