मुंबई: शिवसेना में बवाल, टिकट कटने पर 'मातोश्री' के बाहर धरने पर बैठे दो विधायक

मुंबई, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के लिए शिवसेना से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी के दो विधायक (MLA) बगावत पर उतर आए हैं। टिकट काटे जाने से नाराज ये मौजूदा विधायक मातोश्री के सामने धरने पर बैठ गए हैं और टिकट देने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मातोश्री में ही रहते हैं।
भांडुप पश्चिम से विधायक अशोक पाटिल के समर्थकों ने कहा, हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्हें टिकट नहीं दिया गया है। वो पार्टी के लिए हमेशा मौजूद रहे हैं। हम न्याय की मांग कर रहे हैं और उम्मीद है कि उद्धव जी और आदित्य जी हमारे साथ न्याय करेंगे।
कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) छोड़कर बीजेपी और शिवसेना में शामिल हुए नेताओं के कारण कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस कारण कई विधायक नाराज चल रहे हैं। उनका कहना है कि हम वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं, लेकिन कुछ दिन पहले अन्य दलों से आए नेताओं को टिकट देना हमारे साथ अन्याय है।

पार्टी का फैसला होगा मान्य
बात करें अगर बीजेपी की तो यहां भी स्थिति इससे अलग नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे को भी अब तक टिकट नहीं मिला है। इसको लेकर उनके समर्थक नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि गुरुवार को खडसे ने मीडिया में आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करें, मैं उसे मानने के लिए तैयार हूं। खडसे ने कहा कि पिछले 40-42 साल में कोई मौका नहीं आया, जब मैंने पार्टी के फैसले को न माना हो।
शरद पवार बोले- संपर्क में हैं एकनाथ खडसे
NCP चीफ शरद पवार ने गुरुवार को एक बयान देकर बीजेपी नेता एकनाथ खडसे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एनसीपी चीफ ने गुरुवार को ठाणे में अपनी एक सभा के दौरान कहा कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे लंबे वक्त से उनके संपर्क में हैं। हालांकि एकनाथ खडसे ने इसका खंडन करते हुए कहा कि बीते तीन साल से उनकी शरद पवार या पवार परिवार के किसी भी अन्य सदस्य से कोई बातचीत नहीं हुई है।
खडसे की बेटी को BJP ने दिया टिकट
वहीं एकनाथ खडसे ने पवार के दावों का खंडन करते हुए कहा कि बीते तीन सालों में शरद पवार क्या, पवार परिवार के किसी भी सदस्य से मेरी कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मेरा बीजेपी छोड़कर एनसीपी में जाने का कोई भी इरादा नहीं है। बता दें कि एकनाथ खडसे को इस बार महाराष्ट्र चुनाव में दावेदार नहीं बनाया गया है। एक जमाने में देवेंद्र फडणवीस की सरकार में वित्तमंत्री रहे खडसे को महाराष्ट्र बीजेपी के कद्दावर चेहरे के रूप में जाना जाता है। शुक्रवार सुबह ही बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की एक सूची में खडसे की बेटी रोहिणी को मुक्ताईनगर सीट का प्रत्याशी घोषित किया है।
