महाराष्ट्र: नांदेड़ में बिना मंजूरी के WhatsApp पर उम्मीदवारों का प्रचार, 12 ग्रुप एडमिन को नोटिस

नांदेड़, चुनाव आयोग के मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमिटी (एमसीएमसी) ने नांदेड के 12 प्राइवेट वॉट्सऐप ग्रुपों के ऐडमिन को चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का नोटिस भेजा है। हालांकि, जिन मेसेज के लिए नोटिस भेजा गया वह इन लोगों ने नहीं भेजे थे केवल उनके ग्रुप में पोस्ट किए गए थे। चुनाव आयोग ने मुंबई में 4 फेसबुक पेजों को भी नोटिस जारी किया है। इन सभी ग्रुपों पर बिना आयोग से अनुमति लिए उम्मीदवारों का प्रचार व्हाट्सऐप पर करने का आरोप है।
क्या कहना है चुनाव आयोग का?
नांदेड़ एमसीएमसी के प्रमुख राजेंद्र चव्हाण के मुताबिक, उम्मीदवार को चुनाव आयोग से अनुमति लेनी पड़ती है कि वह प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया के किस माध्यम से अपना प्रचार करना चाहता है। अगर बिना अनुमति के कोई उस माध्यम पर प्रचार करता है तो उसके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बनता है।
जिस दौरान चुनावी आचार संहिता लागू है उस समय अगर किसी प्राइवेट वॉट्सऐप ग्रुप में कोई ऐसा मेसेज पोस्ट होता है जो किसी उम्मीदवार को वोट देने या न देने के लिए प्रेरित करता है तो यह आचार संहिता का उल्लंघन है। अगर कोई उसका स्क्रीन शॉट लेकर चुनाव आयोग के ऐप ‘cVigil’ पर भेजता है तो आयोग आचार संहिता के उल्लंघन के लिए उस ग्रुप के ऐडमिन को जिम्मेदार मानेगा।
यह नियम फेसबुक और ट्विटर पर भी लागू होगा। इस बात से भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह मेसेज किस पार्टी या उम्मीदवार के खिलाफ है।
अब तक 1200 शिकायतें मिली
महाराष्ट्र में जब से आदर्श आचार संहिता लगी है तब से 1200 शिकायतें cVigil ऐप पर आ चुकी हैं। फिलहाल नांदेड़ में भेजे गए इन नोटिसों में इन 12 वॉट्सऐप ग्रुप के ऐडमिन से कहा गया है कि वे अपने ग्रुपों पर सभी तरह का चुनाव प्रचार बंद कर दें और एक सप्ताह के अंदर अपना पक्ष प्रस्तुत करें।
