मुंबई: इमरजेंसी फंड का पैसा जयपुर में खर्च करने को लेकर बीएमसी के फैसले पर उठे सवाल!

मुंबई: मुंबई मनपा आयुक्त ने फैसला किया है कि मुंबई महानगरपालिका इसी साल जयपुर में होने वाली वर्ल्ड वाइल्डलाइफ कांग्रेस में शिरकत करेगी और इसके लिए 2 करोड 31 लाख रूपए खर्च किए जाएंगे, इस फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है।
बता दें कि मार्च 2020 में होने वाले वर्ल्ड वाइल्डलाइफ कांग्रेस के लिए जयपुर में 60 देशों से तकरीबन 17000 प्रतिनिधि आने वाले हैं। वर्ल्ड वाइल्डलाइफ कांग्रेस का 11वां आयोजन जयपुर में होने वाला है। इससे पहले विश्व के अन्य हिस्सों में इस तरह के आयोजन हो चुके। तकरीबन छह दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में विश्व में घटते वन प्रदेश और उनके बचाव का उपाय मुख्य मुद्दा रहेगा। भारत में इस आयोजन के करने के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि बाघों के संरक्षण और दूसरे जीवों के संरक्षण में आ रही परेशानियों के बारे में जागरुकता फैलाई जाएगी।
मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त प्रवीण परदेशी के जरिए इस बात का फैसला लिया गया है कि इस आयोजन में भागीदारी के तौर पर 2 करोड 31 लाख रुपए मुंबई महानगरपालिका खर्च करेगी। यह रकम आकस्मिक धन राशि में से दी जाएगी। बीएमसी स्टैंडिंग कमिटी सहित विरोधी दल ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
स्थाई कमेटी का मानना है कि बीएमसी के जरिए किए जा रहे इस खर्च के बारे में अधिकारियों ने अस्थाई कमेटी से अनुमति अभी तक नहीं ली है स्थाई कमेटी में मामले के आते ही इसका विरोध किया जाएगा।
स्थाई कमेटी के चेयरमैन यशवंत जाधव का मानना है कि महानगरपालिका के आकस्मिक खर्च को किसी और मुद्दे में खर्च करना यह बेईमानी है इस बात पर अधिकारियों को अच्छी तरह से सोचना चाहिए कि आखिर जरूरी क्या है? अगर देखा जाए तुम मुंबई में प्राणी संरक्षण के दूसरे कार्यक्रम चल रहे हैं उसमें ज्यादा धन खर्च करना चाहिए ना कि किसी और आयोजन में मुंबई और महाराष्ट्र से बाहर हो रहे में महज प्रायोजक बनने के लिए ही खर्च किया जाये।
