नेटवर्क महानगर/मुंबई
मीरा-भायंदर, वसई विरार (MBVV) अपराध शाखा ने तेलंगाना में एक बड़े पैमाने पर एमडी (मेफेड्रोन) निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। अपराध शाखा ने इस रैकेट से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 1200 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किया।
सूत्रों के मुताबिक, 23 वर्षीय फातिमा मुराद शेख उर्फ मोल्ला नामक एक बांग्लादेशी नागरिक को 8 अगस्त को मीरा रोड, काशीमीरा बस स्टॉप के पास से 105 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार कर काशीगांव पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 और आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद, जांच में 9 और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जिनके पास से कुल 178 ग्राम एमडी, 23.97 लाख रुपये नकद और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने खुलासा किया कि ड्रग्स तेलंगाना से मंगवाई जा रही थी। इस सुराग पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस निरीक्षक प्रमोद बदाख के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की एक टीम ने 5 सितंबर को प्लाट संख्या 186/1 और 193, फेज 5, चेरापल्ली, तेलंगाना में श्रीनिवास विजय वोलेटी और तानाजी पंढरीनाथ पटवारी द्वारा संचालित एक गुप्त फैक्ट्री पर छापा मारा गया और दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, मौके से बरामद और जब्त की गई तैयार एमडी ड्रग्स और रसायनों की अनुमानित कीमत 1200 करोड़ रुपये है। जिसमें 5.79 किलोग्राम एमडी (मेफेड्रोन), 35,500 लीटर रासायनिक घोल, 950 किलोग्राम पाउडर दवा बनाने के उपकरण और सामग्री जब्त हुई है। कुल जब्ती में 5.968 किलोग्राम एमडी ड्रग्स, 27 मोबाइल फोन, तीन चार पहिया वाहन, एक दोपहिया वाहन, चार इलेक्ट्रॉनिक तराजू और ड्रग उत्पादन के लिए कच्चा माल शामिल है।
पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले महीने, एमबीवीवी आयुक्तालय ने एनडीपीएस मामलों पर कार्रवाई करते हुए 61 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से लगभग 12 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त कीं। इसी क्रम में, पिछले महीने एक बांग्लादेशी महिला को लगभग 25 लाख रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान, पुलिस ने मामले का पता उस फैक्ट्री तक लगाया जहां ये ड्रग्स बनाई जा रही थीं। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री दत्तात्रेय शिंदे, पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्री संदीप डोईफोडे और सहायक पुलिस आयुक्त श्री मदन बल्लाल की देखरेख में पुलिस निरीक्षक प्रमोद बधाक, सहायक पुलिस आयुक्त प्रशांत गंगुर्दे और अन्य अधिकारियों तथा अपराध जांच शाखा के पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर की गई। उन्होंने कहा कि सिंडिकेट से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं और खरीदारों के व्यापक नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
