नेटवर्क महानगर/नवी मुंबई
नवी मुंबई में 13 सितंबर को हुए रोड रेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर के ड्राइवर प्रफुल्ल ज्ञानेश्वर सालुंखे को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, ट्रक चालक प्रह्लाद कुमार को बाद में पूजा खेडकर के घर छुड़ाया गया था। यह घटना मुलुंड-ऐरोली रोड पर हुई थी। 22 वर्षीय प्रह्लाद कुमार अपना कंक्रीट मिक्सर ट्रक लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उनका ट्रक एक एसयूवी से टकरा गया। टक्कर के बाद ट्रक चालक और एसयूवी में बैठे दो लोगों के बीच बहस शुरू हो गई। एसयूवी सवारों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर प्रह्लाद कुमार को थाने ले जाने का बहाना किया और जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
निलंबित IAS अधिकारी पूजा खेडकर से जुड़े अपहरण कांड में नवी मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐरोली से ट्रांजिट मिक्सर ट्रक के हेल्पर का अपहरण करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी प्रफुल्ल ज्ञानेश्वर सालुंखे को धुले जिले के शिंदखेडा से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को 19 सितंबर 2025 को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया जहां से उसे 27 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया गया।
कैसे हुआ था अपहरण?
पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर की शाम करीब 7:15 बजे मुलुंड-ऐरोली हाईवे पर मैकडोनाल्ड सिग्नल के पास ट्रांजिट मिक्सर ट्रक (MH-46 CU-2738) और लैंड क्रूजर कार (MH-12 RP-5000) में टक्कर हो गई थी। हादसे के बाद कार चालक और मालिक ने ट्रक चालक और हेल्पर से गाड़ी की मरम्मत के लिए पैसे मांगे। पैसे न देने पर ट्रक हेल्पर प्रल्हाद कुमार चौहान का अपहरण कर लिया गया। इस घटना की शिकायत विलास ढंगरे ने रबाले पुलिस थाने में दर्ज कराई थी।
हेल्पर को बंधक बनाकर रखा गया
जांच में सामने आया कि प्रल्हाद कुमार चौहान (22) को पुणे के औंध स्थित नेशनल हाउसिंग सोसाइटी के मकान नंबर 112 में बंधक बनाकर रखा गया। यहां उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया, उसे बासी खाना खिलाया गया और चौकीदार और कुक रूम में कैद कर दिया गया। आरोप है कि अपहरणकर्ताओं ने धमकी दी थी कि अगर गाड़ी के नुकसान की भरपाई नहीं की गई तो उसके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
शुरुआत में इस मामले में बीएनएस की धारा 137(2) लगाई गई थी। बाद में जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर धाराएं बढ़ाकर 115(2), 127(7), 308(4), 3(5) जोड़ी गईं। इसके अलावा अपहरण स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर सबूत मिटाने के इरादे से हटाए जाने के चलते धारा 238(3) भी शामिल की गई।
अन्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी दिलीप खेडकर और उनकी पत्नी मनोरमा खेडकर भी इस अपराध में शामिल हैं। मनोरमा पर सबूत नष्ट करने का आरोप है। वहीं, DVR मशीन हटाने वाले व्यक्ति की पहचान भी की जा चुकी है। फिलहाल, पुलिस ने प्रफुल्ल सालुंखे को गिरफ्तार कर कस्टडी में लिया है, जबकि दिलीप खेडकर, उनकी पत्नी मनोरमा और अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। इस पूरे मामले की जांच रबाले पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दीपक खरात के नेतृत्व में की जा रही है।
डीसीपी पंकज दहाणे ने बताया कि हमने खेडकर के ड्राइवर प्रफुल्ल सालुंखे को गिरफ्तार किया है, जो अपहरण में शामिल था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) (अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें दिलीप खेडकर भी आरोपी हैं। हालांकि, वह अभी फरार हैं।
