नेटवर्क महानगर/मुंबई
एक पुरानी कहावत है कि ”लालच बुरी बला है” लेकिन लालच की पराकाष्ठा इंसान को विवेकशून्य बना देती है। मीरा रोड इलाके में एक सैलून कर्मी इसी लालच में आकर एक बुजुर्ग की गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को ठिकाने लगा दिया। हैरान कर देने वाली ये घटना मीरा रोड इलाके में घटी। यहां सैलून में बाल-दाढ़ी कटवाने आये 75 वर्षीय विट्ठल बाबूराव तांबे के गले में सोने की चेन देखकर सैलूनकर्मी के मन में लालच आ गया और उसने सोने की चेन के लिए बुजुर्ग को मार डाला। सबूत मिटाने के लिए लाश को गटर में फेंक दी। परन्तु मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस ने लालच में हत्यारा बने सैलूनकर्मी को सीसीटीवी फुटेज की मदद से पकड़ लिया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। बुजुर्ग के लापता होने के बाद परिवार जहां परेशान था तो वहीं हत्या के बाद मामला और ज्यादा उलझ गया था, लेकिन मीरा-भायंदर पुलिस ने सूझबूझ से मामले को सुलझा लिया।
जानें- कब क्या और कैसे कुछ हुआ?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मीरा रोड के गौरव गैलेक्सी फेज-1 में रहने वाले 75 साल के विठ्ठल बाबूराव तांबे 16 सितंबर 2025 को रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। इसके बाद परिवार ने काशीमीरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बुजुर्ग के लापता होने की जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस ने पाया कि तांबे को आखिरी बार एमआईडीसी रोड स्थित ‘सागर सैलून’ में जाते हुए देखा गया था। पुलिस ने इसके बाद सैलून को जांच के दायरे में लिया। आगे की जांच में सामने आया है कि 17 सितंबर की रात करीब 3 बजे फुटेज में एक व्यक्ति को किसी शव को घसीटते हुए सैलून से बाहर ले जा रहा है। पुलिस ने संदेह के आधार पर जब सैलून चालक असफाक इशाक शेख (39) से पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने कबूल किया कि बुजुर्ग तांबे उसके सैलून में आए थे। उसने कबूला कि उनके गले में सोने की चेन देखकर लालच में आ गया और उसने हत्या की योजना बनाई। मौका पाकर उसने तौलिए से उनका मुंह-नाक दबा और गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में सोने की चेन निकाल ली और रात के अंधेरे में शव को पास ही गटर में फेंक दिया। पुलिस ने गटर से शव बरामद करने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103, 238 और 309(6) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने पूरी पुलिस टीम को बधाई दी है।
