कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करती हुईं पंकजा मुंडे
नेटवर्क महानगर/बीड
दशहरा के अवसर पर राज्यभर में विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों और नेताओं ने दशहरा मेलावा आयोजित किया है। इसी क्रम में बीड ज़िले के भक्तिगड, सावरगाव घाट में आयोजित परंपरागत ‘दशहरा रैली’ को महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे ने संबोधित किया। हालांकि, जब वह रैली में बोल रही थीं, तभी अचानक पंकजा मुंडे के सामने मौजूद कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया जिससे यह घटना अब चर्चा का विषय बन गई।
हुआ यूं कि जब मंत्री पंकजा मुंडे उपस्थित कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित कर रही थीं, तभी एक कोने से जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। उस समय पंकजा मुंडे ने अपना भाषण रोक दिया और नारेबाजी कर रहे लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘तुम लड़कों ने तो गड़बड़ कर दी है’। मुझे नहीं पता तुम किसकी ‘सुपारी’ लेकर आए हो। तुम्हें ज़रा भी शर्म नहीं है। जो शर्म गोपीनाथ मुंडे की आंखों में थी, जो शर्म मेरी आंखों में थी, वह तुममें नहीं दिखती। मेरे नाम पर नारे लगाने से तुम पवित्र नहीं हो जाओगे। मैं समझती हूं कि तुम क्यों आए हो? भगवानगढ़ में मेरा जो दशहरा था, वह मुझसे छीन लिया गया। अब क्या तुम भी उसे छीनने आए हो? मुझे ऐसा लगने लगा है। मैंने इतने सालों तक भाषण दिए हैं, लेकिन मैंने किसी को इतना अनुशासनहीन व्यवहार करते नहीं देखा। तुम ठीक दिमाग़ में नहीं हो। मैं ऐसे अनुशासनहीन लोगों को बर्दाश्त नहीं करती। भाजपा नेता पंकजा मुंडे ने इन शब्दों में अपना गुस्सा ज़ाहिर किया।

इस बीच, अपने संबोधन में पंकजा मुंडे ने कहा कि अच्छे इंसान के साथ अच्छा होता है, भगवान बाबा का आशीर्वाद उसके साथ होता है। मुझे आपका स्वाभिमान और गौरव है। मुझे गर्व है कि मैंने आपके सामने सिर झुकाया। हर साल, राज्य से बड़ी संख्या में लोग सभा में आते हैं। हमारा दशहरा सिर्फ़ एक जमावड़ा नहीं है। यह सीधे-सादे, भोले-भाले और विनम्र लोगों का कार्यक्रम है, जो बड़े संघर्ष से उठ खड़े हुए हैं। जब नदी में बाढ़ आई थी, जब गांवों में पानी घुस गया था, जब लोगों के घर और सामान बह गए थे, आप इतनी गर्मी में यहां आए थे। सोने जैसे लोग यहां ‘सोना’ लूटने आए हैं। हर व्यक्ति सोने की खान है। बता दें कि राज्य में ‘दशहरा रैली’ की अपनी अनूठी परंपराएं हैं।
