R A K Police Station in Sewri, Mumbai News
नेटवर्क महानगर/मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पुलिस ने दिनदहाड़े डकैती के एक मामले को सुलझाते हुए 2.29 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण बरामद किए हैं। यह डकैती शिवड़ी इलाके में हुई थी, जिसे एक ज्वैलरी कंपनी के कर्मचारी और उसके राजस्थान के रिश्तेदारों ने मिलकर अंजाम दिया था। लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को रफ़ी अहमद किदवई मार्ग (आरएके मार्ग) पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने लूट की नकली कहानी बनाकर डकैती को अंजाम किया।
2 करोड़ से अधिक के आभूषण बरामद
रफी अहमद किदवई मार्ग पुलिस के मुताबिक, घटना 13 अक्टूबर की दोपहर करीब ढाई बजे हुई। ”Master Chains & Jewels” के डिलीवरी एजेंट श्यामलभाई होथीभाई रबारी (31) और उनके सहयोगी जगदीश केराभाई ”Quality Assay & Hallmarks LLP” से 2,067.143 ग्राम सोने के आभूषण लेकर कालाचौकी स्थित कंपनी के कारखाने जा रहे थे। तभी शिवड़ी कोर्ट के पास जकारिया बंदर रोड पर दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मारी और एक बदमाश ने पिस्तौल दिखाकर धमकाया और 2.29 करोड़ रुपए मूल्य का सोना लूटकर फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद ही श्यामलभाई ने अपने नियोक्ता राज कोठारी को बताया, जिन्होंने आरएके मार्ग पुलिस स्टेशन में 2.30 किलोग्राम वजन के आभूषणों की चोरी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-4) श्रीमती रागसुधा आर. की देखरेख में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विनोद तावड़े ने 8 पुलिस टीमें गठित कीं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच से श्यामलभाई की कहानी पर संदेह हुआ। गहन जांच में पता चला कि श्यामलभाई ने अपने सहयोगी जगदीश और राजस्थान के दो रिश्तेदारों, भानाराम भगराज रबारी (21) और लीलाराम नागजी देवासी (21) के साथ मिलकर इस फर्जी डकैती की साजिश रची थी। पुलिस ने डिजिटल सुरागों के आधार पर भानाराम और लीलाराम को गुजरात के अहमदाबाद के ओधव गांव से पकड़ा, जब वे राजस्थान के जालोर जिले में अपने गांव भागने की फ़िराक में थे। पुलिस ने चारों आरोपियों से चोरी का पूरा सोना और उनके मोबाइल फोन बरामद किए। जांच में सामने आया कि श्यामलभाई पिछले 6-7 सालों से कंपनी में काम कर रहे थे और कंपनी की प्रक्रियाओं से अच्छी तरह वाकिफ थे। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने यह साजिश रची। आभूषण 11 अक्टूबर 2025 को हॉलमार्किंग के लिए दिए गए थे और 13 अक्टूबर को इन्हें लेने के बाद श्यामलभाई और जगदीश ने फर्जी डकैती का नाटक किया। पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले को सुलझा लिया, लेकिन अन्य संभावित अपराधों की जांच अभी भी पुलिस टीम कर रही है।
