Varsha Gaikwad
राजेश जायसवाल/मुंबई
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव अगले साल जनवरी में होना तय है। 227 सीटों पर होने वाले इस चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में सियासी हलचल अभी से तेज हो गई है। एक ओर जहां कांग्रेस बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की बात कर रही है वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट का कहना है कि अगर कांग्रेस ऐसा करती है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। इन सबके बीच मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने बुधवार, (19 नवंबर) को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) पार्टी के मुखिया शरद पवार से मुलाकात कर आगामी बीएमसी चुनावों पर चर्चा की। उनके साथ विधायक असलम शेख, डॉ ज्योति गायकवाड और अमिन पटेल भी थे।
दरअसल, कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह मुंबई महानगरपालिका चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी और ‘समान विचारधारा’ वाले दलों को साथ लेगी। वहीं, अब इसको लेकर मुंबई कांग्रेस की मुखिया व सांसद वर्षा गायकवाड़ (Varsha Gaikwad) ने कहा कि शरद पवार उनकी पार्टी के स्वाभाविक सहयोगी हैं। वह एक वरिष्ठ नेता हैं और मैं उनसे महानगरपालिका चुनाव पर चर्चा करने और उनसे हमारे साथ जुड़ने का अनुरोध करने गई थी। उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं का चुनाव है, यही वजह है कि कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
बता दें कि कांग्रेस और एनसीपी-एसपी विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक हैं। एमवीए में तीसरा साझेदार शिवसेना (यूबीटी) है। शिवसेना (यूबीटी) ने मंगलवार, (18 नवंबर) को कांग्रेस से संयम बरतने और बीएमसी चुनावों में अकेले चुनाव लड़ने से बचने को कहा था और आगाह किया था कि इस कदम से भारतीय जनता पार्टी (बीजीपी) को मदद मिलेगी और एमवीए कमजोर होगा।
गौरतलब है कि मुंबई बीएमसी की 227 सीटें हैं, जिसके अधीन 24 प्रशासनिक वार्ड और 227 नगरसेवक आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अगले साल जनवरी में ही चुनाव सम्पन्न होना तय है। बीएमसी के 2017 में हुए पिछले बीएमसी चुनाव में कांग्रेस ने बेहद खराब प्रदर्शन किया था और उसे केवल 30 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। उस समय मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर संजय निरुपम थे, जो वर्तमान में शिवसेना (शिंदे गुट) में हैं।
