नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र की सियासत में बुधवार, (24 दिसंबर) का दिन बड़ा दिन साबित हुआ। दरअसल, 20 साल बाद उद्धव और राज ठाकरे की पार्टी में गठबंधन हुआ। और दोनों भाइयों ने आगामी बीएमसी समेत 29 नगर निगम चुनाव के लिए हाथ मिलाया है। बुधवार, (24 दिसंबर) की दोपहर 12.30 बजे जब प्रेस कांफ्रेंस के जरिए दोनों भाइयों ने एक साथ आने का ऐलान कर दिया, तब बालासाहेब के समर्थकों के लिए यह भावुक कर देने वाला पल था।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के बीच राजनीतिक युति की आखिरकार आधिकारिक घोषणा हो गई। कई वर्षों से अलग-अलग राह पर चल रहे उद्धव और राज ठाकरे अब महाराष्ट्र के हित और मराठी मानुष के न्यायोचित अधिकारों के लिए एकजुट हो गए हैं।
इस दौरान अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारे बीच इतनी सहमति बन चुकी है कि हमारा गठबंधन सिर्फ बीएमसी चुनाव को लेकर नहीं हुआ है। आज मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। आज हम अपने कर्तव्य के तौर पर साथ आए हैं और साथ रहने के लिए आए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, आगे अगर कोई भी मुंबई या महाराष्ट्र को टेढ़ी नज़र से देखे, या कपटपूर्ण साजिशों से महाराष्ट्र को मुंबई से, मुंबई को महाराष्ट्र से, और मराठी मानुस से अलग करने की कोशिश करे तो उसका राजनीति में अंत किए बिना हम नहीं रुकेंगे। यह शपथ लेकर हम मैदान में उतरे हैं।
संजय राउत ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन की याद दिलाई। जो मंगल कलश लाया गया, वह किसी सत्यनारायण पूजा की तरह नहीं लाया गया था, बल्कि उसके पीछे बहुत बड़ा संघर्ष था। 105, 107 या उससे भी अधिक मराठी लोगों ने बलिदान देकर मुंबई को महाराष्ट्र का हिस्सा बनाया। आज उसकी याद आना स्वाभाविक है, क्योंकि आज हम दोनों यहां बैठे हैं ठाकरे भाई.।
कैसे हुई थी शिवसेना की स्थापना?
उन्होंने आगे कहा कि हम दोनों के दादा प्रबोधनकार संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के पहले पांच सेनापतियों में से एक थे। उनके साथ मेरे पिता, शिवसेना प्रमुख हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे और राज के पिता, मेरे काका श्रीकांत ठाकरे पूरा ठाकरे परिवार उस समय मुंबई के लिए संघर्ष कर रहा था। उसके बाद का इतिहास मैं विस्तार से नहीं बताऊंगा। लेकिन मुंबई महाराष्ट्र को मिलने के बाद भी मुंबई में मराठी मानुस के सीने पर चढ़कर नाचने की कोशिशें शुरू हुईं। तब न्याय और अधिकारों के लिए शिवसेना प्रमुख को ‘शिवसेना’ की स्थापना करनी पड़ी।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि अगले साल शिवसेना को 60 साल पूरे होंगे। इतने वर्षों तक सब ठीक चला, लेकिन आज फिर हम देख रहे हैं कि मुंबई को नोचने-तोड़ने और उसके टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा रखने वाले जिन्हें तब भी मुंबई चाहिए थी आज उनके प्रतिनिधि दिल्ली में बैठे हैं। अगर हम आपस में लड़ते रहे, तो जो संघर्ष हुआ और जो शहीदों का स्मारक है, उसका बड़ा अपमान होगा।
उद्धव ठाकरे ने कहा, उत्साह अपार है। आपके माध्यम से मैं पूरे महाराष्ट्र से निवेदन, आह्वान और एक चेतावनी दे रहा हूं। विधानसभा चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी ने ‘बटेंगे तो कटेंगे’ जैसा दुष्प्रचार किया था। आज मैं मराठी मानुस से कहता हूं अब अगर चूक हुई तो सब समाप्त हो जाएगा। अगर बिखरे तो पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। इसलिए एक बार फिर न टूटें, न बिखरें, और मराठी की विरासत न छोड़ें। यही संदेश हम दोनों की युति के माध्यम से पूरे महाराष्ट्र को दे रहे हैं। अंत में उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि मराठी मानुस किसी के बहकावे में नहीं आता और अगर कोई उसकी राह में आता है, तो उसे वापस जाने पर मजबूर कर देता है। बीजेपी को जो चाहिए बीजेपी देखे, लेकिन जो मराठी आदमी को चाहिए वो हम देखेंगे।
मुंबई का महापौर मराठी ही होगा और हमारा ही होगा!
वहीं, गठबंधन के ऐलान के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि मैंने एक इंटरव्यू में कहा था कि किसी भी झगड़े से बड़ा महाराष्ट्र है और उसी इंटरव्यू के बाद से हम साथ आने लगे। आज हम मुंबई के लिए शिवसेना और मनसे की युति की घोषणा कर रहे हैं। इस दौरान बेहद मुस्कुराते हुए राज ठाकरे ने युति की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुंबई में कौन कितनी सीटें लड़ेगा, यह अभी नहीं बताया जाएगा और इस बात के जरिए उन्होंने बीजेपी पर सीधा तंज कसा।
राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में इस समय बच्चों के अपहरण करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं और उनमें दो और गिरोह जुड़ गए हैं जो राजनीतिक दलों से बच्चों को ‘अपहरण’ करते हैं। मुंबई में महापौर मराठी ही होगा और हमारा ही होगा ऐसा विश्वास उन्होंने जताया। बाकी जो कहना है, वह हम सार्वजनिक सभाओं में ही कहेंगे। मेरे पास भी कई वीडियो हैं, यह कहते हुए उन्होंने परोक्ष रूप से भाजपा को चेतावनी भी दी।
राज ठाकरे ने आगे कहा कि जिस क्षण का महाराष्ट्र लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था वह शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की युति आज हम उसकी घोषणा कर रहे हैं। जो उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे, उन्हें दोनों दलों की ओर से संयुक्त रूप से उम्मीदवारी दी जाएगी। नामांकन कब और कैसे होगा, इसकी जानकारी दी जाएगी।
मुंबई के महापौर पद पर उन्होंने दोहराया कि मुंबई का महापौर मराठी ही होगा और हमारा ही होगा। उन्होंने पत्रकारों से भी भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि जिन्हें मुंबई, महाराष्ट्र और मराठी मानुस से प्रेम है, वे हमारे साथ खड़े रहें।
