राजेश जायसवाल/मुंबई
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। यहां एनसीपी-एसपी की कद्दावर महिला नेता राखी जाधव ने सोमवार, (29 दिसंबर) को बीजेपी का दामन थाम लिया। राखी बीजेपी विधायक पराग शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुईं। राखी ने ये फैसला ऐसे समय में लिया जब बीएमसी चुनावों के लिए नामांकन में एक दिन बाकी रह गया है।
राखी जाधव राष्ट्रवादी (शरदचंद्र पवार) पार्टी की मुंबई महिला विंग की अध्यक्ष रहीं, जो पिछले कई सालों से मुंबई में अकेले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) को लीड कर रही थीं और मुंबई महानगरपालिका चुनाव में टिकट बंटवारे की बातचीत में अहम रोल रही थीं।
2017 में घाटकोपर से जीतकर नगरसेविका बनीं थी। चुनाव जीतने के बाद बीएमसी सदन में एनसीपी नेता थीं। राखी जाधव बीजेपी विधायक पराग शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुईं। राखी के एनसीपी-एसपी छोड़ने से शरद पवार गुट को बड़ा झटका लगा है। उनका पूरा नाम राखी हरिश्चंद्र जाधव है। राखी ने 10वीं तक शिक्षा हासिल की हैं। राखी जाधव के पास कुल 9.7 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें से 72 लाख रुपए चल और 9 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। 2024 के चुनाव में दाखिल हलफनामे के तहत उन पर 23.7 लाख रुपए का कर्ज है। पेशे से राखी एक होटल की मालिक हैं। उनकी खुद की आय 23.3 लाख रुपए है।
राखी जाधव ने आखिर क्यों छोड़ा शरद पवार का साथ?
मुंबई महानगरपालिका (BMC Election 2026) में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने दोनों ठाकरे भाइयों के साथ अलायंस किया है। हालांकि, उन्हें सिर्फ 5 से 10 सीटें ही मिली हैं। इस वजह से मुंबई में पार्टी को लीड कर रही राखी जाधव को कार्यकर्ता, पदाधिकारियों के नाराजगी और सवालों का सामना करना पड़ रहा था? इतनी कम सीटें मिलने की वजह से राखी जाधव काफी परेशान थीं। कहा जा रहा है कि इसी नाराजगी की वजह से राखी जाधव बीजेपी में शामिल हुईं। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें घाटकोपर के वार्ड क्र. 131 से अपना उम्मीदवार बनाया है। कल सुबह 11 बजे राखी जाधव अपना नामांकन दाखिल करेंगी।
एनसीपी सूत्रों के मुताबिक, जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो पार्टी हाईकमान ने उन्हें इच्छुक उम्मीदवारों को सीधे एनसीपी (अजित पवार गुट) में भेजने का निर्देश दिया था, ताकि कार्यकर्ता बंटें न। इस बारे में पार्टी ऑफिस से उम्मीदवारों को कॉल आने के बाद कई सीनियर पदाधिकारी एनसीपी में शामिल भी हो गए। इसी क्रम में पूर्व नगरसेवक धनंजय पिसाळ, हिंदी भाषी सेल के प्रमुख मनीष दुबे, गुजराती सेल मुंबई की अध्यक्ष यामिनीबेन पंचाल, विधायक जितेंद्र आव्हाड के वफादार कार्यकर्ता नितिन देशमुख, महासचिव अशोक पंचाल एनसीपी (अजित पवार गुट) में शामिल हो गए हैं। इन सब बातों को लेकर राखी काफी परेशान थीं। इसलिए कहा जा रहा है कि उन्होंने भी आज सोमवार, (29 दिसंबर) को बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया।
नामांकन की अंतिम तिथि 30 दिसंबर
बता दें कि मुंबई बीएमसी चुनावों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 30 दिसंबर है। अगले दिन नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद नाम वापसी और फिर चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। 2017 के बीएमसी चुनावों में एकीकृत एनसीपी को 9 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस के खाते में 31 और एकीकृत शिवसेना ने 84 सीटें जीती थीं। बीजेपी को 82 सीटों मिली थीं। इसके बाद शिवसेना का महापौर बना था। 2022 में चुनी हुई बॉडी का कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके बाद से मुंबई में बीएमसी प्रशासक के हवाले है।
