Sadanand Date Ips
राजेश जायसवाल/मुंबई
भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सदानंद दाते अब महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक यानी डीजीपी होंगे। वह 3 जनवरी को पद ग्रहण करेंगे। अभी तक राज्य की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला थीं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि महाराष्ट्र राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला, भारतीय पुलिस सेवा, का ‘पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य’ पद पर कार्यकाल दिनांक 03 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की एम्पैनलमेंट कमेटी द्वारा अनुशंसित पैनल में शामिल सदानंद वसंत दाते, भारतीय पुलिस सेवा (महाराष्ट्र कैडर:1990) को ‘पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य (HOPF)’ पद पर नियुक्त किया गया है।
बयान में कहा गया- सर्वोच्च न्यायालय के संबंधित निर्णय एवं आदेशों के अनुसार, ‘पुलिस महानिदेशक (HOPF)’ पद पर नियुक्त भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी का कार्यकाल, दो वर्षों का होगा, जो दिसंबर 2027 तक होगा। इसी अनुसार, सदानंद वसंत दाते, भारतीय पुलिस सेवा, का ‘पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य (HOPF)’ पद पर कार्यकाल नियुक्ति की तिथि से आगामी दो वर्षों तक रहेगा।
बता दें कि सदानंद दाते 1 अप्रैल 2024 से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के डायरेक्टर जनरल (DG) थे। सदानंद दाते ने 31 मार्च, 2024 को सेवानिवृत्त हुए तत्कालीन महानिदेशक दिनकर गुप्ता से भारत की विशिष्ट आतंकवाद जांच इकाई, एनआईए के महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले वह सीबीआई में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG), महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) के प्रमुख, मुंबई में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम और लॉ एंड ऑर्डर), मीरा-भायंदर और वसई-विरार क्षेत्र के पुलिस कमिश्नर पद पर रहकर बेहतर सेवा दे चुके हैं।
14 दिसंबर 1966 को जन्में सदानंद दाते की शिक्षा के बारे में बात करें तो वह कॉमर्स में पोस्टग्रेजुएट, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट (पीएचडी), इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से क्वालिफाइड कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट और हम्फ्रे फेलोशिप के तहत मिनेसोटा यूनिवर्सिटी में व्हाइट-कॉलर और संगठित अपराध नियंत्रण की पढ़ाई की है।
सदानंद दाते को मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमले के नायक के रूप में जाना जाता है। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान सदानंद दाते कामा अस्पताल में पहुंचने वाले सबसे पहले पुलिस अधिकारियों में से एक थे। उन्होंने आतंकवादियों से डटकर मुकाबला किया और लोगों की जान बचाने में मदद की। उनकी सूझ-बूझ और साहस के चलते कामा एंड अल्ब्लेस अस्पताल में बंधक बने महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका था। इस दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अद्वितीय वीरता के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक (गैलेंट्री) से सम्मानित किया जा चुका है।
आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने गृह मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें एनआईए के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते (महाराष्ट्र कैडर के 1990 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी) को तत्काल प्रभाव से उनके मूल कैडर में समयपूर्व भेजा जा रहा है। गृह मंत्रालय को महाराष्ट्र सरकार की ओर से सदानंद दाते को राज्य में वापस भेजने का अनुरोध मिला था।
