Devendra Fadnavis
नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मुंबई का अगला महापौर सत्तारूढ़ महायुति पार्टी से होगा और हिंदू व मराठी’ होगा। राजनीतिक दलों के बीच हो रहे दावों और शहर के सर्वोच्च नागरिक पद पर सही उम्मीदवार को बैठाने के मुद्दे पर बहस के बीच यह बयान आया है। सीएम फडणवीस ने एक सवाल के जवाब में कहा- मुंबई का महापौर महायुति गठबंधन से होगा और ‘हिंदू व मराठी’ होगा।
मुंबई भाजपा के अध्यक्ष अमित साटम ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी किसी भी ‘खान’ को शहर का महापौर नहीं बनने देगी। जिसके बाद यह मुद्दा और गरमा गया था। इस बयान पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन करने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने घोषणा की थी कि मुंबई का महापौर मराठी होगा और हमारा होगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अब यह कहकर मुद्दे को अलग रुख दे दिया है कि मुंबई का महापौर हिंदू और मराठी होगा, जिससे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए प्रचार तेज होने के साथ ही राजनीतिक खींचतान और भी तेज हो गई है।
कृपाशंकर सिंह पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता नहीं: फडणवीस
सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने ये टिप्पणियां एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत के दौरान कीं। इस दौरान वह शहर की भूमिगत मेट्रो लाइन में यात्रा कर रहे थे और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सवालों के जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री व भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह द्वारा उत्तर भारतीय को महापौर बनाए जाने के बारे में कथित टिप्पणियों से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में कहा, कृपाशंकर सिंह ने यह टिप्पणी मीरा भायंदर में की थी, उन्होंने मुंबई के संदर्भ में नहीं की थी। वे पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता भी नहीं हैं। आगे उन्होंने कहा कि आज मैं अधिकारिकतौर पर कह रहा हूं कि मुंबई का महापौर महायुति गठबंधन से होगा और ‘हिंदू व मराठी’ होगा।
कृपाशंकर सिंह ने क्या कहा था?
कृपाशंकर सिंह ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि मुंबई महानगर क्षेत्र की मीरा भायंदर महानगरपालिका में उत्तर भारतीय और हिंदी भाषी महापौर के चुनाव को सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।
बता दें कि राज्य में मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित 29 महानगर पालिका के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना अगले दिन यानी 16 जनवरी को होगी।
