Samajwadi Party Mumbai news
राजेश जायसवाल/मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के सामने बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका में समाजवादी पार्टी (सपा) के दो नवनिर्वाचित नगरसेवकों ने शहर में संगठित 24×7 आर्थिक मॉडल लागू करने का प्रस्ताव रखा है, जो मुंबई की भौगोलिक और व्यावसायिक विशेषताओं पर आधारित है।
सपा नगरसेवक अमरीन शहजाद अब्राहनी (वार्ड क्र. 212) और नगरसेविका इरम साजिद सिद्दीकी (वार्ड क्र. 201) ने मुंबई की महापौर रितु तावड़े और मनपा आयुक्त भूषण गगरानी को पत्र भेजकर मांग की है कि शहर के चयनित और अधिक संभावनाओं वाले क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं।
प्रस्तावित पायलट क्षेत्रों में दक्षिण मुंबई, बांदा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, लोअर परेल और अन्य प्रमुख व्यावसायिक कॉरिडोर शामिल है। नगरसेवकों ने स्पष्ट किया कि इस मॉडल के तहत सख्त नियामक ढांचा लागू किया जाए, जिसमें ध्वनि नियंत्रण प्रणाली, कचरा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, प्रभावी सुरक्षा-व्यवस्था और लाइसेंस प्रक्रिया की पूरी निगरानी शामिल हो।
इस प्रस्ताव में संगठित नाइट टाइम इकोनॉमी की परिकल्पना की गई है, जिसके तहत फूड जोन, सांस्कृतिक केंद्र, समुद्री पर्यटन, कला उत्सव और मनोरंजन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, ताकि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों तथा उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।
सोमवार, (16 फरवरी) को मुंबई मराठी पत्रकार संघ भवन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि मुंबई लंबे समय से “वह शहर जो कभी नहीं सोता” के रूप में जाना जाता है। उनका कहना था कि रणनीतिक योजना और नियामक सुरक्षा उपायों के माध्यम से शहर को औपचारिक रूप से संगठित 24×7 वैश्विक शहर मॉडल में बदला जा सकता है, जिससे आर्थिक स्थिरता, समावेशी विकास और जीवन स्तर में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई बड़े शहरों ने 24 घंटे का संगठित आर्थिक ढांचा अपनाया है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े, पर्यटन को बढ़ावा मिला, शहरी सुरक्षा बेहतर हुई और कर राजस्व में भी वृद्धि हुई। उनके अनुसार, चयनित व्यावसायिक क्षेत्रों में कामकाज के समय को बढ़ाने से खुदरा व्यापार, आतिथ्य क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सेवा क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नगरसेवकों ने कहा कि यह मॉडल विभिन्न शिफ्टों में रोजगार पैदा करेगा, जिससे युवाओं, महिलाओं, अर्धकुशल कामगारों, परिवहन संचालकों और सेवा क्षेत्र के पेशेवरों को लाभ होगा। इसके अलावा जीएसटी संग्रह, लाइसेंस शुल्क और मनपा की आय में वृद्धि से शहरी बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं को भी और मजबूती मिलेगी। उन्होंने जोर दिया कि संगठित 24×7 परिचालन ढांचा मुंबई को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और मनोरंजन केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा, जिससे विदेशी निवेश, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, वैश्विक कार्यक्रम और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इस मॉडल के तहत चयनित जोन में चौबीसों घंटे व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति, चरणबद्ध क्रियान्वयन और सख्त शहरी व सुरक्षा दिशानिर्देश शामिल होंगे। संभावित आर्थिक प्रभावों में सकल शहरी घरेलू उत्पाद में वृद्धि, विभिन्न शिफ्टों में रोजगार सृजन, एम एस एई और स्टार्टअप को बढ़ावा, जीएसटी व मनपा राजस्व में वृद्धि और बाहरी निवेश में बढ़ोतरी शामिल है।
खुदरा व्यापार, आतिथ्य, मनोरंजन व पर्यटन, लॉजिस्टिक्स व परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएँ और फूड व नाइट लाइफ इकोनॉमी ऐसे क्षेत्र है जो इस मॉडल से सीधे लाभान्वित हो सकते हैं।
नगरसेवकों ने कहा कि चौबीसों घंटे चलने वाली सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ा सकती है। इसके अलावा मेट्रो, रेल नेटवर्क, बस सेवाएँ, वाणिज्यिक परिसर और सार्वजनिक सुविधाओं जैसे मौजूदा बुनियादी ढांचे का अलग-अलग शिफ्टों में अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सार्वजनिक निवेश पर बेहतर प्रतिफल मिलेगा।
पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में चौबीसों घंटे उपलब्ध सुविधाएं शॉपिंग जोन और वॉटरफ्रंट विकास से पर्यटकों के औसत खर्च, होटलों की ऑक्यूपेंसी दर और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की संतुष्टि में वृद्धि होने की संभावना है।
नगरसेवक अमरीन शहजाद अब्राहनी और इरम सिद्दीकी ने महापौर से इस परिवर्तनकारी पहल के लिए व्यवहार्यता अध्ययन और हितधारकों से परामर्श शुरू करने की अपील की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सक्षम नेतृत्व में मुंबई शहरी आर्थिक नवाचार का एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
