शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर दिया ये बड़ा बयान?
नेटवर्क महानगर/वाराणसी
बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर और प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने एक दिवसीय दौरे पर शुक्रवार, (6 फरवरी) को काशी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने काशी की धरती को अविनाशी बताते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आज वे उस पवित्र भूमि पर आए हैं, जहां कुछ भी विनाशी नहीं है। उन्होंने कहा कि महादेव और काशी विश्वनाथ की यह धरती अद्भुत और दिव्य है। यहां आना हर बार एक अलग आध्यात्मिक अनुभव देता है। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें बार-बार इस पावन भूमि पर आने का अवसर मिलता है।

शंकराचार्य पर टिप्पणी करना हमारी क्षमता में नहीं: धीरेंद्र शास्त्री
मीडिया ने जब उनसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर सवाल पूछा तो धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी संत या आध्यात्मिक गुरु पर टिप्पणी नहीं करते, क्योंकि यह उनके दायरे से बाहर की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे महान संत और आध्यात्मिक व्यक्तित्वों पर बोलने की उनकी कोई व्यक्तिगत क्षमता नहीं है। इसलिए वे इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते।
यहां उन्होंने विश्व में फैली अशांति पर बयान देते हुए कहा कि पूरे विश्व में यदि शांति का रास्ता निकालना है तो भारत और भारत की सनातन संस्कृति ही है जो सही रास्ता दिखा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को समर्थन देने की बात भी कही है।
दरअसल, पिछले लंबे समय से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और धीरेंद्र शास्त्री के बीच बयानों को लेकर तनातनी चल रही थी, लेकिन इस यात्रा के दौरान उन्होंने बहुत साधा रुख अपनाया और कुछ भी कहने से बचे। उन्होंने आगे कहा कि गौं रक्षा, सनातन धर्म की रक्षा और मां गंगा की रक्षा ये बहुत ही अद्भुत संकल्प है और भारत के हर के सनातनी को यह संकल्प लेना चाहिए और इसके लिए खड़ा रहना चाहिए।
गंगा, गौ और गीता से जुड़े मामले पर मेरा समर्थन है: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
गौ रक्षा और गाय को राज्य माता का दर्जा देने के लिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि गौ, गंगा और गीता से जुड़ा कोई भी मामला हो तो हम उसका पुरजोर समर्थन करेंगे। शंकराचार्य ने गाय का मुद्दा उठाया है और हम गौ सेवक होने के नाते उनका नैतिक रूप से समर्थन करते हैं। जो भी संत सनातन, गौ माता, गीता, गाय, गंगा, गोविंद और गोपाल का कार्य कर रहे हैं, हम उनके दास हैं। हम उनके साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में मां संग किया दर्शन-पूजन
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी माता जी संग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में बागेश्वरधाम सरकार ने कहा कि भारत की सनातन की विचारधारा से पूरे विश्व में शांति आ सकती है। उन्होंने बताया कि सनातन की संस्कृति में वह ताकत है कि वह विश्व में शांति और संतुलन बना सकती है।
उन्होंने आगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी हमला बोलते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप भरोसेमंद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का सत्ताधीश (राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) इसलिए भरोसेमंद नहीं है क्योंकि वह सुबह को कुछ बोलता है, शाम को कुछ और बोलता है। बड़ा ही विचलित आदमी है। उसका कोई भरोसा मत करना। ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता। जिस तरह से उन्होंने अपने अधिकार का गलत उपयोग करके टैरिफ वार शुरू किया, उससे उनकी कार्य प्रणाली दिखती है कि वह दुनिया में अशांति फैलाना चाहते हैं।
भारत की नीति पर क्या बोले?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर्तमान समय में भारत की नीति क्या होनी चाहिए के सवाल पर अलग ही जवाब दिया। उन्होंने कहा कि एक बार हमने अपने गुरु से सुना था, हमने जो एक बार पा लिया उसे बचाना भी है और पचाना भी है। हमें वर्तमान में यह विचार करना है कि हमें क्या नहीं करना है। क्या-क्या करना है, यह हमें विचार नहीं करना है।
भारत के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने पर दी बधाई!
भारत के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पूरे भारतवर्ष को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देश हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है, वह सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने क्रिकेटरों को भी शुभकामनाएं दी और कहा भगवान विश्वनाथ और बागेश्वर बालाजी उन पर आशीर्वाद बनाए रखे।
यूजीसी कानून पर विचार की बात
यूजीसी कानून को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस देश में हम जोड़ना चाहते हैं, तोड़ना नहीं चाहते। हमने यह बात अपने मंच से भी कही है। हमारी हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि यूजीसी के लिए फिर से विचार किया जाए। देश में खाई और दीवार न बनाई जाए। बाबा बागेश्वर ने कहा कि एकता के सूत्र में सबको पिरोया जाए, ताकि भारत भव्य हो, दिव्य हो, नव्य हो। भारत विश्वगुरु बने।
