नेटवर्क महानगर/मुंबई
क्रिकेट के महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर हाल ही में मुंबई में रोटरी क्लब ऑफ़ बॉम्बे एयरपोर्ट के एक विशेष इवेंट में शामिल हुए। यह आयोजन जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 850 बच्चों की सफल हार्ट सर्जरी का जश्न मनाने के लिए रखा गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पहल उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है, जो बच्चों के महंगे मेडिकल इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। इन सर्जरीज़ के ज़रिए बच्चों को नई ज़िंदगी मिली है और उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हुआ है।
सुनील गावस्कर, जो वर्षों से बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी सामाजिक पहलों में सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं, इस इवेंट में डॉक्टरों, वॉलंटियर्स, डोनर्स और सर्जरी के लाभार्थियों के साथ शामिल हुए। उन्होंने बच्चों और उनके परिवारों के साथ समय बिताया और इस मानवीय उपलब्धि की सराहना की। रोटरी क्लब ऑफ़ बॉम्बे एयरपोर्ट के सदस्यों ने बताया कि इस तरह की पहलों का मकसद न केवल मेडिकल मदद प्रदान करना है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाना और ऐसे बच्चों और परिवारों को उम्मीद देना भी है। क्लब के प्रतिनिधियों ने बताया कि इन 850 सर्जरीज़ में बच्चों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज उपलब्ध कराने के लिए उच्च स्तर की मेडिकल टीम, अत्याधुनिक उपकरण और व्यक्तिगत ध्यान दिया गया।
गावस्कर ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल दिखाती है कि सामूहिक प्रयास और समाज के सहयोग से बच्चों की ज़िंदगी में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। उन्होंने सभी डॉक्टरों, नर्सों और वॉलंटियर्स की मेहनत की सराहना की और कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इवेंट में बच्चों और उनके परिवारों ने भी अपनी खुशियों और आभार को साझा किया। कई माता-पिता ने बताया कि उनकी ज़िंदगी में यह पहल आशा और खुशी की नई किरण लेकर आई है।
मैं इन बहादुर बच्चों से मिलकर काफी भावुक महसूस कर रहा हूं: गावस्कर
यह कार्यक्रम मुंबई के जुहू तारा रोड स्थित रोटरी सर्विस सेंटर में आयोजित किया गया था, जबकि सर्जरी ‘श्री सत्य साई संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर’ में की गई थीं। ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ प्रोजेक्ट के चेयरमैन पीपी नितिन मेहता के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल ने पिछले छह वर्षों में लगभग 12 करोड़ रुपए जुटाए हैं, ताकि जन्मजात दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों की जान बचाने वाली सर्जरी में मदद की जा सके। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 3.5 करोड़ रुपए है, जिसका लक्ष्य गंभीर हार्ट सर्जरी और मेडिकल सहायता के जरिए लगभग 250 बच्चों को नई जिंदगी देना है। इस कार्यक्रम के दौरान, सुनील गावस्कर ने बच्चों और उनके परिवारों के साथ समय बिताया और उन बच्चों के साथ दिल को छू लेने वाले पल साझा किए, जिनकी जिंदगी समय पर मिले इलाज से पूरी तरह बदल गई है। इस समारोह में न केवल मेडिकल सफलता का जश्न मनाया गया, बल्कि करुणा और सामूहिक मानवीय प्रयासों की शक्ति को भी सराहा गया।
इस कार्यक्रम में सुनील गावस्कर ने कहा कि मैं इन बहादुर बच्चों से मिलकर काफी भावुक महसूस कर रहा हूं। उनका साहस, अस्पताल और रोटरी क्लब की तरफ से किया जा रहा निस्वार्थ काम, सचमुच प्रेरणादायक है। यही असली हीरो हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि समय पर उठाए गए कदमों और दरियादिली से कितनी सारी जिंदगी बदली जा सकती हैं। जन्मजात दिल की बीमारियां नवजात शिशुओं और बच्चों को प्रभावित करने वाली सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं। भारत में हर साल दो लाख से ज्यादा बच्चे दिल से जुड़ी बीमारियों के साथ पैदा होते हैं, जिनमें से लगभग 70,000 बच्चों को अपनी जिंदगी के पहले साल में ही सर्जरी की जरूरत पड़ती है। आर्थिक तंगी और बीमारी का देरी से पता चलने के कारण, कई परिवार अक्सर अपने बच्चों को जरूरी इलाज नहीं दिला पाते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित डॉक्टरों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि बच्चों की सफल सर्जरी के पीछे टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण मुख्य कारण रहा। रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे और प्रोजेक्ट किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को जीवन रक्षक इलाज मुहैया कराया जा सके। इस इवेंट ने यह साबित कर दिया कि खेल जगत के आइकन और समाजसेवी पहल, सुनील गावस्कर का योगदान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में कितना प्रभावी हो सकता है।
