Chandrashekhar Bawankule
नेटवर्क महानगर/मुंबई
फडणवीस सरकार में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार, (30 जुलाई) को ठाणे में आयोजित विशेष महाराजस्व शिविर का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग द्वारा लगाए गए अलग-अलग स्टॉल का निरीक्षण किया और किसानों, आदिवासियों और स्टूडेंट्स को अलग-अलग सरकारी योजनाओं के तहत प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों का वितरण किया.
इस कार्यक्रम में ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), विधायक संजय केलकर, निरंजन डावखरे और किसन कठोरे सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी और अधिकारीगण मौजूद रहे.
कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) प्रमुख अभिजीत दीपके को बीजेपी द्वारा कथित धमकी मिलने के मामले में उन्होंने कहा कि अगर किसी ने धमकी दी है तो उसका नाम सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा बिना प्रमाण के किसी की बदनामी नहीं की जानी चाहिए.
यहां पत्रकारों से बातचीत में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की जयंती के मौके पर पूरे महाराष्ट्र में महाराजस्व शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसी भी प्रकार का सम्मान या सत्कार स्वीकार नहीं किया और सरकार का उद्देश्य केवल अधिक से अधिक नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने लगभग 76 हजार परिवारों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है. उन्होंने यह भी कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेकर सरकार जनकल्याण के काम कर रही है.

मंत्री बावनकुले ने आगे कहा कि जल्द ही महाराष्ट्र में लैंड टाइटलिंग एक्ट लागू किया जाएगा. इसके लागू होने के बाद फ्लैट में रहने वाले लोगों को भी प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही सरकारी जमीन पर बने पात्र मकानों को नियमित कर उन्हें भी प्रॉपर्टी कार्ड देने की योजना पर सरकार विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि मुंबई में माइक्रो जोनिंग की जाएगी और आदिवासी समाज के लिए अलग 7/12 (सातबारा) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. मीरा-भाईंदर से जुड़े एक मामले पर उन्होंने कहा कि जांच पूरी कर ली गई है और एक मामले में दोषी पाए गए हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नागरिक का एक भी रुपया डूबने नहीं दिया जाएगा. जहां-जहां तलाठी भर्ती के लिए आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने की जरूरत होगी, वहां सरकार समय बढ़ाने पर विचार करेगी.
मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि मनोज जरांगे के मौजूदा मुद्दों का अध्ययन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछले आंदोलन के दौरान सरकार ने उनके कई मुद्दों का समाधान किया था.
