नेटवर्क महानगर/मुंबई
दक्षिण मुंबई के मलाबार हिल स्थित वालकेश्वर के ‘बाणगंगा तालाब’ में शनिवार, (22 अगस्त) की दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 19 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान शेखर हरीश रावल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शेखर रावल बाणगंगा घूमने आया था। इसी दौरान वह तालाब में नहाने के लिए पानी में उतरा परन्तु पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा पाने की वजह से वह डूबने लगा। मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) के मुताबिक, हादसा शनिवार दोपहर करीब 1:10 बजे हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और संबंधित एजेंसियों ने बचाव के प्रयास शुरू किए। हालांकि, काफी कोशिशों के बावजूद युवक की जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस के मुताबिक, शेखर रावल बाणगंगा तालाब घूमने के लिए गए थे। कुछ समय बाद उन्होंने तालाब के पानी में उतरकर तैरने की कोशिश की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पानी में जाने के बाद उन्हें गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा। देखते ही देखते वह गहरे पानी में चले गए और खुद को संभाल नहीं सके। युवक को पानी में संघर्ष करते देख आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने की कोशिश की। स्थानीय संगठन के कुछ कार्यकर्ता और मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने के लिए तालाब में उतरे और उन्हें पानी से बाहर निकालने के बाद प्राथमिक उपचार देने की कोशिश भी की लेकिन युवक की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी घटना के पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि युवक तालाब में किस स्थान से उतरा था और हादसे के समय वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे? घटना के बाद मृतक के परिवार को इसकी सूचना दी गई। शेखर की मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के लिए यह हादसा बेहद मुश्किल और दुखद है।
यह घटना मुंबई जैसे महानगर में सार्वजनिक जलाशयों के आसपास सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां लोग घूमने के साथ पानी के करीब जाते हैं, वहां गहराई की जानकारी देने वाले संकेतक, चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकती है। तालाब, झील और समुद्र के किनारे घूमने वाले लोगों को पानी में उतरने से पहले सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए। विशेष रूप से अनजान जलाशयों में तैरने से बचना जरूरी है, क्योंकि पानी की गहराई और अंदर की परिस्थितियों का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल, ऐसे हादसों को रोकने के लिए अतिरिक्त सावधानी और प्रभावी निगरानी की जरूरत सामने आई है। आने वाले दिनों में स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।
