राजेश जायसवाल/मुंबई
मुंबई के भूलेश्वर में ‘भुलेश्वराचा राजा’ की आगमन शोभायात्रा के दौरान गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा हुआ। घटना शनिवार, (22 अगस्त) की रात 9:51 बजे बालाराम मर्चेंट रोड, कबूतरखाना, जय अंबे चौक, भुलेश्वर में हुई। बताया जा रहा है कि 22 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा को भायखला से भूलेश्वर की ओर ले जाया जा रहा था और पंडाल से बिल्कुल करीब पहुंचने से पहले संतुलन बिगड़ने के कारण विशाल काय गणेश प्रतिमा अचानक गिर गई, जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही तत्काल बीएमसी अधिकारी/कर्मचारी, मुंबई पुलिस, फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस, और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं थी। विभिन्न अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, मरने वालों में संकेत नेवसे (33) को रिलायंस अस्पताल में लाया गया था लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, बृजेश हेमंत जोशी (30) को जी. टी. अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। सभी घायलों को जी. टी. अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जिनमें वैभव घेनंद (38 वर्ष), कुणाल काशीद (26 वर्ष), पवन चौरसिया (25 वर्ष), दिव्या गनेर (7 वर्ष), लावण्या गनेर (5 वर्ष) शामिल हैं।
जांच में जुटी पुलिस
वी. पी. मार्ग पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी हादसे के टेक्निकल पहलुओं और क्रेन की कैपेसिटी की बारीकी से जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सेफ्टी नियमों का उल्लंघन हुआ था, क्या क्रेन का केबल और सपोर्ट सिस्टम सही हालत में था। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान जो भी लापरवाह या दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्यवाई की जायेगी।
इस साल मुंबई में 10 हजार से ज्यादा गणेश पंडाल
बता दें कि महाराष्ट्र में इस साल 2026 का गणेशोत्सव 14 सितंबर (सोमवार) से शुरू हो रहा है। इस बार तिथियों के विशेष संयोग से गणेशोत्सव 10 या 11 दिनों के बजाय पूरे 12 दिनों का होगा, जिसका समापन 25 सितंबर (शुक्रवार) को अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन के साथ होगा। इस बार पूरे महाराष्ट्र में करीब 28 लाख गणेश प्रतिमाएं स्थापित होने का अनुमान है। वहीं, मुंबई एवं उपनगर में 10 हजार से ज्यादा गणेश मंडल हैं, लेकिन 2,500 मंडलों ने 10 दिन के उत्सव के लिए स्थानीय प्रशासन से परमिशन ली है। मुंबई में पंडाल की परमिशन के लिए ऑनलाइन सिंगल-विंडो सिस्टम भी शुरू किया गया है। इसमें बीएमसी के साथ-साथ पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की एनओसी (NOC) भी ऑनलाइन मिल जाएगी। इसके लिए 13 सितंबर 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे।
महाराष्ट्र का सबसे प्रसिद्ध ‘गणेशोत्सव’ को लेकर गणेशभक्तों में बप्पा के आगमन को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पूरे मुंबई में काफी भव्य और दिव्य पंडाल सजाए जा रहे हैं। मुंबई का सबसे प्रसिद्ध पंडाल ‘लालबागचा राजा’ इस वर्ष अपने 93वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जिसका मुख्य द्वार बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर की थीम पर सजाया जा रहा है।
गणेशोत्सव से समाज में जागरुकता फैलाने का संदेश
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 1893 में लोकमान्य बालगंगाधर तिलक ने गणेश चतुर्थी के दिन महाराष्ट्र के घरों में मनाए जानेवाले गणेशोत्सव को सार्वजनिक और संगठित रूप से मनाने की पहल की थी। उनका उद्देश्य था कि इसी बहाने देश के युवा एक लक्ष्य को लेकर संगठित हों, तो उन्हें देश को स्वतंत्र कराने की मुहिम में शामिल किया जा सके। आजादी के बाद आज भी ‘गणेशोत्सव’ में तमाम बड़े गणपति पंडालों की ओर से राष्ट्रीय महत्त्व से जुड़े मुद्दों को उभारकर समाज में जागरूकता फैलाई जा रही है। जिसमें पिछले साल गणेशोत्सव की अधिक ‘थीम’ कुछ माह पहले भारतीय सेना द्वारा पड़ोसी देश पाकिस्तान के विरुद्ध चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम पर सजाये गए थे।
