नेटवर्क महानगर/नई दिल्ली
महाराष्ट्र में गंभीर सूखे की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, (6 अक्टूबर) को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति, किसानों की परेशानियों और महाराष्ट्र सरकार की ओर से किए जा रहे राहत उपायों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष यानी NDRF के तहत महाराष्ट्र को अधिकतम संभव सहायता देने का अनुरोध किया।फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के 265 से अधिक तालुका में सूखा घोषित किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत उपायों की घोषणा भी की गई है। उन्होंने बताया कि इसी स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से NDRF के तहत अधिक से अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में राज्य के 358 में से 265 तालुका को सूखा प्रभावित घोषित किया है। यानी राज्य के लगभग तीन-चौथाई हिस्से में सूखे की स्थिति दर्ज की गई है। कम बारिश और लंबे सूखे दौर के कारण कई क्षेत्रों में खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि पानी और चारे की उपलब्धता को लेकर भी चिंता बढ़ी है। राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र सरकार की ओर से घोषित राहत उपायों में भूमि राजस्व में छूट, कृषि ऋणों के पुनर्गठन, कृषि से जुड़े ऋणों की वसूली पर रोक और अन्य सहायता शामिल हैं। सरकार ने कुल 12 राहत उपायों को लागू करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अमित शाह को राज्य सरकार की ओर से अब तक उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को राहत देने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। राज्य में फसल नुकसान का आकलन करने के लिए पंचनामा प्रक्रिया भी चल रही है, जिससे वास्तविक नुकसान का विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जा सके। महाराष्ट्र सरकार ने पंचनामा प्रक्रिया को 12 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार तक लगभग 44 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। राज्य सरकार का कहना है कि पूरा आकलन तैयार होने के बाद केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके आधार पर अतिरिक्त राहत सहायता तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
केंद्र सरकार ने भी महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी टीम का गठन किया है। यह टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसल नुकसान, पानी की स्थिति और राहत की जरूरतों का आकलन करेगी। केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर NDRF से सहायता देने के संबंध में आगे का फैसला लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री फडणवीस पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य सरकार केंद्र की सहायता का इंतजार किए बिना किसानों को राहत देने की दिशा में कदम उठाएगी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से किसानों की मदद शुरू करेगी और NDRF से मिलने वाली सहायता बाद में इसमें शामिल होगी।
सूखे के कारण सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और कृषि आधारित इलाकों पर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में बारिश की कमी से फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा जलस्रोतों का स्तर घटने और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। राज्य सरकार ने सभी जिलों को जल बजट तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आने वाले महीनों में पेयजल की उपलब्धता बनाए रखी जा सके।राज्य में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने 16 अक्टूबर से कम से कम 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू करने का भी फैसला किया है। नगर निगमों, नगरपालिकाओं और ग्राम पंचायतों को पानी के उपयोग पर नियंत्रण रखने को कहा गया है। पीने के पानी और पशुओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच किसानों को आर्थिक सहायता दिए जाने को लेकर राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ा है। विपक्षी दल तत्काल आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद सहायता वितरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी कहा है कि यदि कुछ प्रभावित तालुका अभी सूखा प्रभावित सूची में शामिल नहीं हुए हैं, तो उनका भी आगे आकलन किया जाएगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि पात्र किसानों को राहत से वंचित नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सूची में और क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है। अमित शाह के साथ फडणवीस की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र सरकार राज्य स्तर पर राहत उपायों को लागू करने के साथ-साथ केंद्र से अतिरिक्त सहायता की उम्मीद कर रही है। राज्य सरकार का जोर फिलहाल फसल नुकसान का आकलन पूरा करने, किसानों तक राहत पहुंचाने और पानी की उपलब्धता बनाए रखने पर है। फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री से NDRF के तहत अधिकतम मदद की मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। अब केंद्रीय टीम के आकलन और राज्य की रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि महाराष्ट्र को केंद्र से कितनी अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
