नेटवर्क महानगर/वाराणसी
भारत की आध्यात्मिक राजधानी और भगवान शिव की पवित्र नगरी काशी के सबसे बड़े और पावन पर्वों, ‘छठ पूजा’ और ‘देव दीपावली’ के भव्य आयोजन को लेकर नगर निगम प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संयुक्त रूप से अस्सी घाट से पैदल और नाव के माध्यम से गंगा घाटों का विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान अधिकारियों ने घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग), सीढ़ियों की स्थिति और अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं की बारीकी से जांच की। नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों ने गंगा घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि त्योहारों पर विशेष और नियमित सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर मरम्मत कार्य या प्रकाश व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी है, उसे समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाए ताकि पर्व के दौरान किसी को असुविधा का सामना न करना पड़े।
जानें- कब है देव दीपावली?
‘देव दीपावली’ से पहले वाराणसी नगर निगम द्वारा काशी के प्रमुख घाटों (अस्सी घाट, गंगा महल, रीवा घाट और तुलसी घाट) की विशेष सफाई और भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों तथा मां गंगा पर आधारित आकर्षक थीम-बेस्ड पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं। काशी में इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा (24 नवंबर 2026) को देव दीपावली मनाई जाएगी। इस दीपोत्सव पर सूर्यास्त के बाद शाम लगभग 5:30 बजे से गंगा आरती और काशी के प्रमुख घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम शुरू होता है। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था और देवता काशी की पवित्र गंगा में दीपोत्सव मनाने के लिए आते हैं।
