राजेश जायसवाल/मुंबई
अपने लोगों के जीवन से अंधकार को दूर कर आशा और विश्वास का दीया जलाना ही सच्ची दिवाली है, ऐसा प्रतिपादन राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज किया। शिवसेना चिकित्सा सहायता कक्ष, ‘डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन’ और ‘रत्ननिधि चैरिटेबल ट्रस्ट’, ‘आरोग्यदूत फाउंडेशन’ के संयुक्त तत्वावधान में उपमुख्यमंत्री के ‘नंदनवन’ आवास पर दिव्यांग बंधुओं के साथ दिवाली स्नेह मिलन समारोह उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम के कारण ‘नंदनवन’ केवल एक सरकारी आवास न रहकर सही मायनों में दिव्यांग बंधुओं के लिए ‘आनंदवन’ बन गया, ऐसी भावना इस दौरान कई लोगों ने व्यक्त की।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह नंदनवन आवास आम, जरूरतमंद और दिव्यांग बंधुओं का अपना स्थान है। शरीर की कुछ सीमाएं होने के बावजूद दिव्यांग बंधुओं में जबरदस्त जिद्द और दृढ़ता है और उनके साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है। आज के इस कार्यक्रम से मेरी सच्ची दिवाली मनाई गई, ऐसी भावना उन्होंने व्यक्त की। इस अवसर पर दिव्यांगों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न उपक्रमों की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि दिव्यांगों को उनके हक और न्याय मिले इसके लिए राज्य में स्वतंत्र ‘दिव्यांग मंत्रालय’ की स्थापना की गई, जिससे कई दिव्यांग बंधुओं को रोजगार मिला और वे अपने पैरों पर खड़े हुए। जिला नियोजन समिति के कुल निधि में से एक प्रतिशत निधि सीधे दिव्यांग बंधुओं की कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च करने का निर्णय हमने लिया है।
ठाणे के टेंभी नाका स्थित आनंद आश्रम में अब तक डेढ़ हजार से अधिक दिव्यांग बंधुओं को कृत्रिम हाथ, पैर (जयपुर फुट), वॉकर, श्रवण यंत्र व अन्य आवश्यक उपकरणों का वितरण कर उन्हें नई उम्मीद दी गई है। यह उपक्रम केवल एक शहर तक सीमित न रखते हुए राज्य के अन्य सभी जिलों में पहुंचाया जाएगा, इसका आश्वासन उन्होंने दिया।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री के ‘नंदनवन’ आवास पर जन्मजात हृदय रोग वाले बच्चों की महंगी सर्जरी तथा कॉक्लियर इम्प्लांट के कारण सुनने-बोलने लगे बच्चों के परिवारों के साथ भी दिवाली मनाई गई। इन बच्चों और माता-पिता के चेहरों पर खुशी एक अलग ही संतोष देने वाली है, ऐसा उन्होंने बताया। इस साल सूखे के कारण किसान संकट में हैं और सोमवार को वे जालना में किसानों के खेतों पर जाकर उनके साथ दिवाली मनाने वाले हैं, ऐसा उपमुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और कोई भी गलत कदम नहीं उठाना चाहिए। सरकार मजबूती से उनके साथ खड़ी है और समाज के लोगों को भी किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। यह राजनीति का नहीं, बल्कि संकटग्रस्त लोगों के साथ इंसानियत के साथ खड़े होने का समय है, ऐसी भावनात्मक अपील उपमुख्यमंत्री शिंदे ने की।
