नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियां वैदिक परंपराओं के साथ रविवार, (8 फरवरी 2026) को प्रयागराज संगम में प्रवाहित की गईं। अजित पवार के बेटे जय पवार ने पिता की अस्थियां पूरे विधि-विधान से संगम में प्रवाहित कीं। इस दौरान पंडितों ने अनुष्ठान किए और शोक संतप्त लोगों द्वारा श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मां गंगा से प्रार्थना की गई।
अस्थि विसर्जन के दौरान परिवार के सदस्य और पार्टी कार्यकर्ता भावुक नजर आए। अजित पवार का परिवार चार्टर्ड फ्लाइट से बारामती से रविवार सुबह करीब 11 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचे थे।
पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे जय पवार नंगे पैर अस्थि कलश लेकर एयरपोर्ट से बाहर निकले तो इस दौरान हाथ में अस्थियों का बॉक्स देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम नजर आईं। सभी लोगों की मौजूदगी में अजित पवार की अस्थियों को अंतिम विदाई दी गई।
अजित पवार का परिवार एयरपोर्ट से संगम तक लंबे काफिले के साथ रवाना हुआ। इस बीच प्रयागराज संगम के वीआईपी घाट पर अस्थि विसर्जन की रस्म पूरी की गई। इस दौरान भाजपा और एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
निकाली गई थी अस्थि कलश यात्रा
एनसीपी की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा की अगुवाई में कश्मीर से कन्याकुमारी तक अस्थि कलश यात्रा निकाली गई थी। यह अस्थि कलश यात्रा 12 राज्यों से होकर गुजरी। यात्रा का समापन रविवार (8 फरवरी) को बेटे जय पवार और परिवार की मौजूदगी में संगम पर हुआ।
बता दें कि 28 जनवरी को एनसीपी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती विमान हादसे में निधन हो गया था। बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान उनका विमान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिसमें पांच अन्य लोगों की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई। इस हादसे में सभी के शव बुरी हालत में मिले, जिसके चलते इन्हें पहचानना भी मुश्किल था। अजित पवार की घड़ी की वजह से उनके शव की पहचान की जा सकी। 29 जनवरी को अजित पवार के पार्थिव शरीर का बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में अंतिम संस्कार किया गया। यह हादसा उनके प्लेन क्रैश होने की वजह से हुआ था। अजित पवार के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
