CM Samrat Choudhary
नेटवर्क महानगर/पटना
बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 16 आईपीएस और 11 आईएएस की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। इनमें पूर्व सीएम नीतीश कुमार के नजदीकी आईएएस में से एक माने जाने वाले कुमार रवि को स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया है। हाल ही में सम्राट मंत्रिमंडल के हुए विस्तार में पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग का मंत्री बनाया गया है। कुमार रवि संसदीय कार्य विभाग के सचिव के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। संसदीय कार्य विभाग डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के पास है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के एचआर श्रीनिवास अब समाज कल्याण विभाग के एसीएस होंगे। इनके पास पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के एसीएस का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल अब आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव होंगे। मल्ल जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग तथा विशेष कार्य पदाधिकारी स्थानिक आयुक्त का कार्यालय, बिहार भवन, नई दिल्ली के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।
इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह अब पर्यटन विभाग के सचिव होंगे। इनके पास विज्ञान प्रविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार होगा तथा यह मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार अब स्थानिक आयुक्त, बिहार भवन नई दिल्ली होंगे। वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव कुमार रवि अब सचिव स्वास्थ्य विभाग होंगे। इनके पास संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
मध्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव अब सचिव, ऊर्जा विभाग होंगे। इनके पास मध्य निषेध उत्पादन एवं उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव के साथ-साथ अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड तथा बिहार स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड पटना का प्रबंध निदेशक तथा सामान्य प्रशासनविभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह अब वित्त विभाग के सचिव होंगे।संजय सिंह के पास वाणिज्य कर विभाग, वाणिज्य कर आयुक्त, अपर आयुक्त वस्तु एवं सेवा कर तथा सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
इनके भी विभाग बदले?
कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार को सचिव, भवन निर्माण विभाग बनाया गया है। इनके पास कला संस्कृति विभाग के सचिव के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त तथा बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के प्रबंध निदेशक और बिहार राज्य भवन निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह अब स्थानिक आयुक्त, बिहार भवन नई दिल्ली बनाए गए हैं। मनोज सिंह निवेश आयुक्त मुंबई के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव चंद्रशेखर सिंह अब सचिव, जल संसाधन विभाग होंगे। इनके पास सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, अध्यक्ष बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड तथा बिहार विकास मिशन के मिशन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। डॉ चंद्रशेखर सिंह पटना के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। सहयोग समितियां के निबंधक रजनीश कुमार सिंह अब महानिरीक्षक कर एवं सुधार सेवाएं होंगे। इनके पास निबंधक, सहयोग समितियां, अपर निदेशक कार्यक्रम अनुश्रवण, बिहार विकास मिशन का अतिरिक्त प्रभार रहेगा।
मीडिया में बोलने से पहले फैक्ट्स (तथ्यों) की जांच जरूरी: सीएम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने नवनियुक्त मंत्रियों को खास नसीहत देते हुए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। पटना के 1 अणे मार्ग स्थित लोक संवाद में आयोजित बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने साफ लहजे में कहा कि मंत्री अपने विभाग से जुड़ी किसी भी योजना या फाइल की पूरी जानकारी लेने के बाद ही मीडिया के सामने मुंह खोलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया में बोलने से पहले फैक्ट्स (तथ्यों) की जांच जरूरी है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों को गहराई से समझने का टास्क दिया है। उन्होंने कहा कि मंत्री केवल फाइलों पर हस्ताक्षर न करें, बल्कि योजनाओं की धरातल पर समीक्षा करें। साथ ही उन्होंने मंत्रियों से अपने विभाग में नई योजनाओं की संभावनाओं को तलाशने और उनके ठोस प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।
डिजिटल और ‘तेज’सिस्टम पर जोर
सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों और मंत्रियों को पुरानी कार्यपालिका नियमावली (1979) को बदलकर नई नियमावली 2026 की ओर बढ़ने का संकेत दिया है। उनका उद्देश्य सरकारी कामकाज से मैनुअल फाइलिंग और डाक पत्राचार जैसे पुराने तरीकों को हटाकर पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम लाना है।मंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने विभाग में पारदर्शिता लाएं ताकि आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को याद दिलाया कि वे जनता के सेवक हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और लोक शिकायतों के त्वरित निवारण को प्राथमिकता देने को कहा। ऐसे में चौधरी का संदेश साफ है- काम बोलता है, और काम की जानकारी सटीक होनी चाहिए। मंत्रियों को अपने विभाग के मास्टर प्लान के साथ तैयार रहने को कहा गया है ताकि ‘विकसित बिहार’ के लक्ष्य को समय सीमा के भीतर हासिल किया जा सके।
