sanjay nirupam news
नेटवर्क महानगर/मुंबई
शिवसेना के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद संजय निरुपम ने मुंबई पुलिस और बीएमसीकर्मियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि वे ‘बांग्लादेशी’ के नाम पर लीगल फेरीवालों को परेशान करना बंद करें। अगर उन्हें सचमुच बांग्लादेशी को पकड़ना है तो वे लेदर और टेक्सटाइल फैक्ट्रियों, जरी (कढ़ाई) इंडस्ट्री और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्थल पर जाकर जांच-पड़ताल करें। उन्होंने कहा कि आज फेरीवालों के साथ जो हो रहा है उसकी संपूर्ण जानकारी वे जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को देंगे।
फेरीवालों के संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला अहम
गुरुवार, (26 मार्च) को ‘मुंबई मराठी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन’ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना नेता निरुपम ने कहा कि मुंबई पुलिस और बीएमसी मिलकर पिछले 2 महीनों में मुंबई के फेरीवालों पर कार्रवाई कर रहे हैं। क्या वे बताएंगे कि अब तक कितने गैर-कानूनी बांग्लादेशी हॉकरों के खिलाफ कार्रवाई की है? उन्हें इसकी जानकारी सबूत के साथ सार्वजनिक करनी चाहिए। फेरीवालों के संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला अहम और ऐतिहासिक है।
स्ट्रीट वेंडर एक्ट अभी तक लागू क्यों नहीं
बॉम्बे हाई कोर्ट का ऑर्डर देखने के बाद बीएमसी और मुंबई पुलिस को हॉकरों के बारे में उचित हल निकालना चाहिए। आखिर स्ट्रीट वेंडर एक्ट अभी तक लागू क्यों नहीं किया गया? सन 2014 के एक्ट के मुताबिक, टाउन वेंडिंग कमेटी बनाने की जिम्मेदारी पूरी तरह से बीएमसी की है। कोर्ट के आदेश के बावजूद बीएमसी ने इसे नजरअंदाज किया। आज 12 साल बाद भी कमेटी नहीं बनी है।
संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि असल में बीएमसी और पुलिस चाहती हैं कि हॉकरों की समस्या ऐसे ही बनी रहे। फेरीवालों को टारगेट करना गलत है और ईमानदारी से बिजनेस करने वाले हजारों परिवारों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
