Decisive Steps for Farmer Welfare
नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के गन्ना और प्याज उत्पादन करने वाले किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने मीडिया से बातचीत में बताया कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ हुई विस्तृत बैठक में किसानों और सहकारी क्षेत्र की कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है और जल्द ही केंद्र सरकार अहम निर्णय ले सकती है।
महाराष्ट्र के किसानों की समस्या को लेकर सहकारिता मंत्रालय की हुई बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार उपस्थित थे। उनके साथ बैठक में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपभोक्ता एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के अलावा महाराष्ट्र सरकार के मंत्री छगन भुजबल, गिरीश महाजन समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के बाद सीएम फडणवीस ने बताया कि बैठक में चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने चीनी की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने की आवश्यकता को माना। इसके अलावा अगले दो महीनों में इथेनॉल कोटा बढ़ाने पर निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया गया है। चीनी मिलों के कर्ज पुनर्गठन और ब्याज अनुदान (इंटरेस्ट सबवेंशन) के भुगतान पर भी सकारात्मक सहमति बनी है।
चीनी उद्योग और गन्ना किसानों के लिए बड़े फैसले
केंद्र सरकार के साथ बैठक में सूबे के प्याज उत्पादक किसानों के मुद्दों पर भी अहम चर्चा हुई। आज की बैठक में नाफेड और एनसीसीएफ द्वारा प्याज की खरीद सीधे किसानों से किए जाने की मांग को मंजूरी मिल गई है। अभी तक व्यापारी स्तर पर होने वाली खरीद के बजाय अब किसानों से सीधी खरीद की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा 2 लाख टन की बजाय 10 लाख टन प्याज खरीदने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। प्याज बीजों के बड़े पैमाने पर निर्यात के कारण घरेलू बाजार प्रभावित हो रहा है, इसलिए प्याज बीज निर्यात पर भारी एक्सपोर्ट सरचार्ज लगाने की मांग भी केंद्र ने स्वीकार की है।
बैठक के बाद महाराष्ट्र सरकार की तरफ से बताया गया कि हाल ही में प्याज खरीद मूल्य बढ़ाकर 15.80 रुपये प्रति किलो किया गया है और इसे आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि प्याज के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
दरअसल, किसानों की यह शिकायत रहती थी कि नाफेड और एनसीसीएफ में ग्रेडिंग के नाम पर माल को खराब गुणवत्ता का बताकर खरीद से इनकार किया जाता है। अब मशीनों के जरिए ग्रेडिंग की जाएगी, जिससे किसानों को न्याय मिलेगा। बैठक में हापूस आम उत्पादकों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई।महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए बीमा कंपनियों द्वारा लगाए गए कठिन नियमों में बदलाव की मांग की। इस पर कृषि मंत्री ने बीमा कंपनियों के साथ बैठक कर तत्काल इसका समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
