नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के प्रमुख विपक्षी दलों ने मंगलवार, (14 अक्टूबर) को राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की और मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मतदाता सूची में मौजूद गंभीर त्रुटियों पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जब तक मतदाता सूची दुरुस्त नहीं होती, चुनाव मत कराइए।
इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) पार्टी प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य बालासाहेब थोरात, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष (सांसद) वर्षा गायकवाड, सांसद अनिल देसाई, जयंत पाटिल, जितेंद्र आव्हाड, जयंत पाटिल (शेकाप), अनिल परब, शशिकांत शिंदे, रईस शेख, आदित्य ठाकरे समेत विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
मनसे नेता राज ठाकरे ने कहा कि मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी है। पिता की उम्र बेटे से कम कैसे हो सकती है? यह हास्यास्पद और गंभीर दोनों है। एक ही व्यक्ति का नाम दो-दो जगह कैसे दर्ज है? उन्होंने मांग की कि जब तक मतदाता सूचियों में सुधार नहीं होता, तब तक चुनाव मत कराइए।
मतदाता पंजीकरण क्यों रोक दिया गया: राज ठाकरे
राज ठाकरे ने यह भी सवाल उठाया कि जो युवा अब 18 वर्ष के हो रहे हैं, उन्हें मतदान का अधिकार क्यों नहीं दिया जा रहा, और चुनाव की घोषणा न होने के बावजूद अचानक मतदाता पंजीकरण क्यों रोक दिया गया? उन्होंने कहा कि आपको 31 जनवरी तक चुनाव कराने का आदेश है। पहले हमें बताइए क्या आप सचमुच चुनाव के लिए तैयार हैं? जब मतदाता सूची में इतनी गड़बड़ी है, तब चुनाव कैसे कराएंगे?
किसे वोट मिलता है, यह समझ नहीं आता: उद्धव ठाकरे
राज ठाकरे ने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के प्रमुख को बुलाने की भी मांग की। बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने भी मतदान प्रक्रिया पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि किसे वोट मिलता है, यह तक समझ नहीं आता। इसी संदर्भ में राज ठाकरे ने कहा, देशभर में अब कहीं चुनाव नहीं हो रहे, तो महाराष्ट्र में VVPAT (वीवीपैट) मशीनें लाओ। चुनाव में वीवीपैट लगाओ।
15 अक्टूबर को फिर होगी बैठक
विपक्षी दलों की मंगलवार (14 अक्टूबर) को बैठक लगभग सवा घंटे चली, जिसमें सभी नेताओं ने गंभीर मुद्दे उठाए। अब बुधवार (15 अक्टूबर) फिर एक और बैठक होगी, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त, प्रमुख अधिकारी और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक का समय और विवरण जल्द तय किया जाएगा। बैठक में मतदाता सूची की गड़बड़ी और चुनाव आयोग की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
