Maharashtra Crime News
नेटवर्क महानगर/मुंबई
ठाणे जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। सालों तक गुमशुदगी की फाइलों में दबा एक केस अब खौफनाक हकीकत के साथ सामने आया है।
यहां सोशल मीडिया पर ”रील स्टार” के नाम से पहचान बनाने वाला शख्स ही एक बेरहम हत्यारा निकला। क्राइम ब्रांच ने 12 साल पुराने अपहरण और हत्या के इस मामले को सुलझाते हुए सुरेंद्र पांडुरंग पाटील (55) को उसके दो साथियों, चंद्रकांत गायकर और सुरेश देगावत उर्फ छोटू (32) के साथ गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, साल 2014 में डोंबिवली के दावडी इलाके से 23 वर्षीय करण बागुल अचानक लापता हो गया था। परिवार ने मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस को लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया। हाल ही में मिली एक गुप्त सूचना ने इस केस को नया मोड़ दे दिया। क्राइम ब्रांच ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। जिसकी वजह 7 एकड़ जमीन के सौदे में पैसों का विवाद बताया जा रहा है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
4 अक्टूबर, 2014 को करण का अपहरण कर उसे दावडी स्थित पाटील के ऑफिस में लाया गया। वहां सुरेंद्र पाटील (55) ने लोहे की रॉड से उसके सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शव को कार में डालकर मुरबाड के बारवी डैम के पास जंगल में फेंक दिया। उस समय एक अज्ञात शव मिलने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। जिसे अब दोबारा जांचने पर करण बागुल के रूप में पहचान की पुष्टि हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड भी बरामद कर ली गई है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 2 मई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। डीसीपी अमर सिंह जाधव ने बताया कि यह केस भले ही 12 साल पुराना था, लेकिन तकनीकी और गुप्त जानकारी के आधार पर इसे सुलझा लिया गया है। साथ ही यह भी जांच जारी है कि इस साजिश में और कौन से लोग शामिल हो सकते हैं।
