नेटवर्क महानगर/मुंबई
मंत्रालय में बुधवार, (8 अप्रैल) को हुई राज्य कैबिनेट की मीटिंग में पांच अहम फ़ैसले लिए गए। जिनसे राज्य में एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट में तेज़ी आएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, एनर्जी और डिज़ास्टर मैनेजमेंट से जुड़े ज़रूरी प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। कैबिनेट ने राज्य में एक अलग इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट बनाने को मंज़ूरी दी।
इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डायरेक्टरेट को अब इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमिश्नरेट में बदल दिया जाएगा। साथ ही, मिनिस्ट्री, कमिश्नरेट और सभी ज़िला लेवल पर परमानेंट पोस्ट के साथ एक नया आईटी कैडर बनाया जाएगा। इस फ़ैसले से राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, एआई और ई-सर्विसेज़ को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा फ़ैसला लिया गया और महावितरण के फ़ाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग को मंज़ूरी दी गई। इससे अगले फ़ेज़ में महावितरण कंपनी को कैपिटल मार्केट में लिस्ट करने का रास्ता साफ़ हो गया है।
राज्य कैबिनेट द्वारा लिए गए फ़ैसले महाराष्ट्र में नया इंडिपेंडेंट इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट। डेवलप्ड इंडिया 2047 में डेवलप्ड महाराष्ट्र का लक्ष्य पाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम। डायरेक्टरेट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमिश्नरेट में बदला जाएगा। मिनिस्टीरियल डिपार्टमेंट, कमिश्नर ऑफिस और सभी जिलों के लिए परमानेंट पोस्ट के साथ एक नया आईटी कैडर बनाया जाएगा।
डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगी रफ़्तार
राज्य में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, एआई , डिजिटल गवर्नेंस को रफ़्तार मिलेगी। (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट) महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर अब एक कंपनी है। कंपनी को सोसाइटीज़ एक्ट, 1860 के तहत इसका रजिस्ट्रेशन कैंसल करके कंपनीज़ एक्ट, 2013 के सेक्शन 8 के तहत बनाया जाएगा। इस फैसले से रोड इन्फॉर्मेशन सिस्टम, अर्बन प्लानिंग, जलयुक्त शिवार-वाटरशेड डेवलपमेंट, माउंटेन डेवलपमेंट स्कीम, ई-पंचनामा, महा एग्री टेक, कंडलवन स्टडी, ग्राउंडवाटर मैनेजमेंट, माइंस और क्वारी स्टडी को काफी बढ़ावा मिलेगा।
