नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सभी दलों के संभावित उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं और जनता के बीच अपनी पैठ जमाने में जुटे हैं। वहीं, गठबंधन की बातचीत और नेताओं के दलबदल से राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी को एक ही दिन में दो बड़े झटके लगे हैं। हिंगोली और अहमदनगर के जिला प्रमुखों ने अचानक पार्टी से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है।
हिंगोली के एनसीपी जिला अध्यक्ष दिलीप चव्हाण ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे को सौंपा है। दिलीप चव्हाण पिछले 9 वर्षों से पार्टी संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल हो सकते हैं। स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले उनका यह कदम राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
इसी के कुछ घंटे बाद अहिल्यानगर (अहमदनगर) के जिला प्रमुख राजेंद्र फालके ने भी अपना पद छोड़ दिया। वह पिछले 7 वर्षों से इस पद पर थे। अपने इस्तीफे में उन्होंने पारिवारिक कारणों का उल्लेख किया है और साथ ही पार्टी में नए चेहरों को मौका देने की मांग भी की है।
बता दें कि राजेंद्र फालके शरद पवार के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। उनका पैतृक गांव कर्जत है, जो एनसीपी (SP) विधायक रोहित पवार के निर्वाचन क्षेत्र में है। हालांकि, राजेंद्र फालके ने फिलहाल पार्टी की सदस्यता नहीं छोड़ी है और वह अब भी वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी के साथ खड़े हैं।
इन दोनों इस्तीफों ने स्थानीय स्तर पर शरद पवार गुट को एक बड़ा झटका लगा है। खासकर ऐसे समय में जब चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं और हर दल अपने संगठन को और भी मजबूती देने में जुटे हैं।
