SSC EXAMINATION RESULT
नेटवर्क महानगर/धाराशिव
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) की ओर से 10वीं (SSC) के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। इसी बीच, दो छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक छात्र ने फेल होने के डर से रिजल्ट आने से पहले ही जान दे दी। वहीं, दूसरे छात्र ने कम अंक आने से तनाव में आत्मघाती कदम उठा लिया। इन घटनाओं ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और परीक्षा के तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली घटना महाराष्ट्र के धाराशिव के भूम शहर की है। वहीं, दूसरी घटना छत्रपति संभाजीनगर के पुंडलिकनगर की है। छात्रों के सुसाइड से परिजनों में कोहराम मच गया है। धाराशिव के भूम शहर स्थित रविंद्र हाईस्कूल में पढ़ने वाले छात्र आदित्य नितीन जाधव ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। हाल ही में घोषित SSC परीक्षा परिणाम में आदित्य को 63.60 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे। परिजनों और परिचितों का कहना है कि आदित्य अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं था और अपेक्षा से कम अंक आने की वजह से मानसिक तनाव में चल रहा था। बताया जा रहा है कि रिजल्ट देखने के बाद आदित्य घर लौटा था। उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर साड़ी के सहारे फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
फेल होने के डर से की आत्महत्या!
दूसरी घटना छत्रपति संभाजीनगर के पुंडलिकनगर इलाके की है। यहां 17 वर्षीय सोहम मोरे ने रिजल्ट आने से पहले ही कथित तौर पर आत्मघाती कदम उठा लिया। सोहम को डर था कि वह परीक्षा में फेल हो जाएगा, लेकिन रिजल्ट घोषित होने के बाद पता चला कि सोहम 42 प्रतिशत अंकों के साथ पास हो गया था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह रिजल्ट को लेकर गहरे तनाव में था। बताया जा रहा है कि उसने आत्मघाती कदम उठाने से पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स भी डिलीट कर दिए थे।
इन दोनों घटनाओं ने परीक्षा परिणाम के दौरान छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को फिर उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों पर अत्यधिक अपेक्षाओं का बोझ डालने के बजाय उनका मानसिक रूप से सहयोग करना चाहिए। साथ ही छात्रों को यह समझाने की जरूरत है कि परीक्षा का परिणाम ही जिंदगी का अंतिम सच नहीं होता।
