raj thackeray with devendra fadanvis news
आपने यह प्रसिद्ध कहावत जरूर सुनी होगी ”हम तो डूबेंगे सनम तुमको भी ले डूबेंगे” हाल ही महाराष्ट्र की सियासत में एक नई हलचल देखने को मिली। जब 5 जुलाई को राज और उद्धव ठाकरे आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ आए और वर्ली में मराठी भाषा के मामले को लेकर दोनों भाइयों ने एक मंच साझा किया। तब राजनीतिक पंडितों ने अनुमान लगाया था कि दोनों ठाकरे बन्धुओं के साथ आने से कुछ करिश्मा जरूर देखने को मिलेगा। परन्तु बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव और राज ठाकरे की जोड़ी टॉय-टॉय फिस्स हो गई। करीब दो दशक बाद साथ आए ठाकरे बंधु को बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) क्रेडिट सोसायटी के चुनाव में करारी शिकस्त मिली है।
शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का पैनल 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन्हें सभी सीटों पर पराजय मिली। दोनों की दोस्ती के बाद ये पहला चुनाव था और ऐसे में उन्हें मिली ये हार किसी तगड़े झटके से कम नहीं है। मुंबई बेस्ट क्रेडिट सोसाइटी में 15 हजार से ज्यादा सदस्य हैं। जिसमें अधिकतर सदस्य मराठी हैं और ठाकरे बंधु खासतौर से राज ठाकरे मराठियों के हक की लड़ाई लड़ने का दावा करते हैं। ठाकरे भाइयों ने ”उत्कर्ष’ पैनल” के तहत चुनाव लड़ा था और 21 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। वहीं ”सहकार समृद्धि” पैनल से भाजपा विधायक प्रसाद लाड और प्रवीण दरेकर चुनाव मैदान में थे। यूनियन नेता शशांक राव ने भी ”शशांक राव पैनल” के तहत अपने उम्मीदवार उतारे थे।
किसे कितने मत मिले?
शशांक राव पैनल को कुल 14 मत मिले
प्रसाद लाड पैनल को कुल 7 मत मिले
शिवसेना (यूबीटी) – मनसे को शून्य
चुनाव जीतने के बाद शशांक राव ने उद्धव ठाकरे की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह परिणाम बेस्ट कर्मचारियों द्वारा शिवसेना (यूबीटी) की निजीकरण नीति, कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ और ग्रेच्युटी फंड को अपने पसंदीदा ठेकेदारों की तिजोरियों में भरने के खिलाफ दिया गया जवाब है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ इस चुनाव की बात नहीं है, क्रेडिट सोसाइटी कोई मुद्दा नहीं था। असल में आप क्या करते हैं इस पर लोगों की नज़र टिकी होती है। इसका उदाहरण ये है कि 9 साल की सत्ता उद्धव के हाथ से फिसल गई। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या अब भी ठाकरे बंधु साथ चुनाव लड़ेंगे? फ़िलहाल, इस नतीजे से बीजेपी फूले नहीं समा रही है और उनके नेता ”हम तो डूबेंगे ही सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे” वाली कहावत कह चुटकियां ले रहे हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में जल्द ही निकाय चुनाव भी होने हैं और उद्धव गुट के नेता संजय राउत बयान दे चुके हैं कि उद्धव और राज ठाकरे मिलकर ये चुनाव लड़ेंगे। लेकिन, दूसरी तरफ मनसे की ओर से इस बात को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। न खुद राज ठाकरे और न ही उनके किसी नेता ने यह कहा है कि उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन होगा या साथ मिलकर आगामी चुनाव लड़े जाएंगे?
राज ठाकरे ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात
गुरुवार की सुबह मनसे प्रमुख राज ठाकरे अचानक सीएम देवेंद्र फडणवीस से मिलने वर्षा बंगले पर पहुंच गए। मुख्यमंत्री फडणवीस और राज ठाकरे की ये मीटिंग लगभग 50 मिनट से ज्यादा चली। इसी के बाद राज और फडणवीस की मुलाकात पर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरु हो गया है। हालांकि, मीटिंग के तुरंत बाद राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनकी मुख्यमंत्री से किन-किन मुद्दों को लेकर चर्चा हुई है।
