नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई क्राइम ब्रांच ने मलाड पूर्व इलाके में ब्रांडेड दूध के पैकेट में मिलावट करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। दिंडोशी पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की संयुक्त कार्रवाई में दूध में मिलावट करने वाले मुख्य आरोपी सैदुल रामास्वामी चौगोनी (40) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान सैकड़ों लीटर मिलावटी दूध नष्ट कर दिया गया। आरोपी कथित तौर पर भारत के प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल और गोकुल दूध के असली पैकेट से दूध निकालकर उसे नकली पैकेट में पैक करता था, जिस पर ‘अमूल ताज़ा’, ‘अमूल गोल्ड’ और ‘अमूल बफ़ेलो’ लिखा था। आरोपी की पहचान मलाड पूर्व में रहने वाले दूध विक्रेता सैदुल चौगोनी (40) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से दूध सप्लाई के व्यवसाय की आड़ में मिलावट का धंधा चला रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने शिकायत दर्ज कराई है। एफडीए को पिछले हफ्ते क्राइम ब्रांच यूनिट 12 से मलाड पूर्व में चल रहे दूध में मिलावट के बारे में जानकारी मिली थी। शुक्रवार, (10 अप्रैल 2026) को सुबह करीब 5:55 बजे खाद्य एवं औषधि प्रशासन की एक टीम और पुलिस ने मिलकर यह ऑपरेशन किया। दोनों टीमों ने मलाड पूर्व स्थित राजेश पोपल चॉल, कमरा नंबर 5, जय भवानी रोड, रॉयल कॉम्प्लेक्स के पास, कसम बाग में छापा मारा, जहां उन्हें सैदुल मिला, जिसने कहा कि वह दूध बेचने के धंधे में लगा हुआ है। शुरू में उसने जांच में मदद करने से मना कर दिया, हालांकि, बाद में वह एफडीए और पुलिस टीम के साथ सहयोग करने के लिए मान गया।
जांच के दौरान, टीम को हज़ारों छेड़छाड़ किए हुए दूध के पैकेट और बड़ी संख्या में खाली अमूल और गोकुल के पैकेट मिले। इसके अलावा, उन्हें अमूल ताज़ा, अमूल गोल्ड और अमूल भैंस लिखे खाली नकली पैकेट भी मिले, साथ ही मोमबत्तियां, चिमटे, लाइटर, कैंची, एक कीप, एक छलनी और दूध में मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाले दूसरे उपकरण मिले हैं। आरोपी ने कथित तौर पर असली अमूल और गोकुल दूध निकाला, उसमें गंदा पानी मिलाया और उसे अमूल ताज़ा, अमूल गोल्ड और अमूल भैंस लिखे नकली पैकेट में दोबारा पैक कर दिया, लेकिन पैकेट ओर्जिनल की तरह ठीक से सील नहीं थे। बाद में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने सारे उपकरण और दूध के पैकेट ज़ब्त कर लिए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट की संबंधित धाराओं के साथ सेक्शन 274 (बिक्री के लिए खाने या पीने की चीज़ों में मिलावट) के तहत मामला दर्ज किया और बाद में उसे गिरफ़्तार कर लिया। यह कार्रवाई मुंबई में मिलावटी दूध के खिलाफ जारी कड़ी कार्यवाही का एक हिस्सा है।
