नेटवर्क महानगर/मुंबई
मलाड (पूर्व) स्थित दिंडोशी इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले उपद्रवियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार (5 अप्रैल) की रात संतोष नगर में ‘देवी मरियम्मा’ की पूजा और त्रिशूल यात्रा के दौरान हुए दंगे के आरोपियों के अवैध निर्माण पर आज बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बुलडोजर चला दिया। इस दंगे में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं।
बता दें कि यह हिंसा उस समय भड़की थी जब लाउडस्पीकर पर भजन बजाने को लेकर मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने हिंदू युवकों की पिटाई कर दी थी। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दो गुटों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि दंगा भड़काने वाला शेख परिवार लंबे समय से इलाके में ड्रग्स के अवैध कारोबार में लिप्त है। तलाशी के दौरान आरोपियों के घर से ड्रग्स के पैकेट भी बरामद हुए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस परिवार ने इलाके में दहशत फैला रखी थी और अवैध रूप से तीन मंजिला घर बनाकर उस पर मोबाइल टावर भी लगा रखा था। स्थानीय रहिवासियों ने यह भी शिकायत की कि आरोपियों ने पिछले 5 महीनों से एक नवनिर्मित सार्वजनिक शौचालय का उद्घाटन इसलिए नहीं होने दिया क्योंकि उन्हें लगता था कि इससे उनके घर में बदबू आएगी।
बीएमसी का 24 घंटे का नोटिस और एक्शन!
दंगे के बाद बीएमसी ने अवैध निर्माण को लेकर शेख परिवार के घर पर नोटिस चस्पा किया था। नोटिस का जवाब देने के लिए दिए गए 24 घंटों की समय सीमा समाप्त होते ही, आज गुरुवार, (9 अप्रैल 2026) को बीएमसी की टीम बुलडोजर और भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ संतोष नगर पहुंची। प्रशासन ने अवैध रूप से बनी मंजिलों और अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है।
पुलिस की गिरफ्त में 11 आरोपी
दिंडोशी पुलिस ने इस मामले में शेख परिवार के मुख्य सदस्यों- सोयल शेख, शाबू शेख (महिला), फिरोज शेख और मुनीर शेख समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने पुलिस पर यह आरोप भी लगाया कि दंगा करने वाले मुख्य आरोपी मौके से भाग गए और पुलिस ने पूजा में बैठे नाबालिगों पर लाठीचार्ज किया।
धार्मिक कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद, झड़प में बदला
यह पूरा मामला संतोष नगर में रविवार देर रात हुए धार्मिक आयोजन से जुड़ा है। इलाके में देवी माता मंदिर में पूजा और फिर शोभायात्रा निकाली गई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान लाउडस्पीकर पर तेज आवाज में भक्ति गीत बजाए जाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि दिंडोशी पुलिस स्टेशन को दलबल के साथ मौके पर आना पड़ा और लाठीचार्ज करना पड़ा।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर हुआ हमला!
भाजपा के पूर्व नगरसेवक विनोद मिश्रा ने आरोप लगाया कि इलाके के कुछ असामाजिक तत्वों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर हमला किया। जब घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा था तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। यहां तक कि एक नाबालिग को भी पुलिस ने बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता इलाके में धरने पर बैठ गए। उन्होंने तीन कार्यकर्ताओं के गंभीर रूप से घायल होने का दावा किया है, जिनका इलाज जोगेश्वरी ट्रॉमा केयर अस्पताल में चल रहा है। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई केवल दिखावे के लिए हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।
इस मामले पर राजनीति भी गरमा गई है। शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
भाजपा नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने भी घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी और धार्मिक आयोजन में हमले का आरोप लगाया। भाजपा नेता सोमैया ने सोशल मीडिया के जरिए हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने मंदिर के कार्यक्रम के दौरान हिंदुओं पर हमला किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे आज शाम 6 बजे उसी स्थान पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। सोमैया के इस ऐलान के बाद पुलिस प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
श्रीराम का नाम लेते है और हिंसा करते हैं
वहीं, कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने कहा कि श्रीराम का नारा लगाने से विवाद होने का सवाल ही नहीं उठता है। ये लोग जाकर जानबूझकर मुस्लिम बस्ती में या वहां जो मस्जिद रहती है, वहां जाकर जानबूझकर गड़बड़ी करते हैं। श्रीराम से मुसलमानों का विरोध होने का सवाल ही नहीं है। श्रीराम के बारे में अल्लामा इकबाल साहब ने बहुत बड़ी बात कही है, उन्हें ‘इमाम ए हिंद’ कहा है, मुसलमान श्रीराम का आदर करते हैं, ये लोग श्रीराम का नाम लेकर हिंसा करते है।
सुरक्षा कड़ी, हालात पर प्रशासन की नजर
फिलहाल, पूरे इलाके में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है और आगे भी कानून के मुताबिक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इलाके में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
