नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई की मलबार हिल पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोक भवन ऑफिस के नाम पर नकली लेटरहेड, नकली हस्ताक्षर, नकली स्टैम्प और नकली टेक्स्ट का इस्तेमाल करके रेलवे VIP कोटे से टिकट लेते थे। रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन की शिकायत के बाद केस दर्ज किया गया और टेक्निकल जांच के आधार पर उत्तर प्रदेश, गुजरात और मुंबई से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में तारिक महफूज खान (33), अमरीश ईश्वरलाल ठक्कर (41), दीपक कुमार कन्हैयालाल यादव (27), विनय विक्रमसिंह रावत (24), सागर ईश्वरलाल ठक्कर (32) और अजय रामकुमार यादव उर्फ अनूप उर्फ मोहन (34) शामिल हैं। जांच में पता चला है कि अमरीश ठक्कर इस गैंग का मेन मास्टरमाइंड है।
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि अमरीश ठक्कर के खिलाफ कुर्ला और मुंबई सेंट्रल रेलवे पुलिस स्टेशन में भी ऐसे ही केस दर्ज हैं। ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 12 मोबाइल फ़ोन, एक लैपटॉप, 16 SIM कार्ड, 70 क्रेडिट और डेबिट कार्ड, 400 से ज़्यादा लोगों की VIP ट्रेन बुकिंग की गोपनीय जानकारी वाला एक डेटाबेस, दो नकली स्टैम्प, पांच आधार कार्ड और दो स्टैम्प पैड ज़ब्त किए हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ज़ब्त किए गए डेटाबेस की जानकारी का इस्तेमाल करके और किस तरह की धोखाधड़ी की गई है। इस मामले की आगे की जांच मलबार हिल पुलिस स्टेशन कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस रैकेट में कोई और अन्य लोग भी शामिल है और इस तरह से कितने लोगों को VIP कोटे से टिकट दिए गए।
यह अभियान पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) डॉ मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिणी क्षेत्रीय प्रभाग) शैलेश बलकावड़े, पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी जोन -2) आर. रागसुधा और सहायक पुलिस आयुक्त (गावदेवी प्रभाग) सुमन चव्हाण के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक भास्कर गोरखे, पुलिस निरीक्षक दिगंबर बिडवे, सहायक पुलिस निरीक्षक रणजीत चव्हाण, पुलिस उप-निरीक्षक इंद्रजीत मोहिते, अक्षय चौगुले द्वारा किया गया।
