Sarbananda Sonowal Press conference
नेटवर्क महानगर/मुंबई
भारत सरकार के बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) तथा इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (IPA) ने संयुक्त रूप से इंडिया मैरीटाइम वीक (IMW 2025) के भव्य आयोजन से पहले मुंबई के नेस्को एग्ज़िबिशन सेंटर में (14 अक्टूबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर बताया कि यह कार्यक्रम 27 से 31 अक्टूबर तक मुंबई में आयोजित किया जाएगा।
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल (बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग) ने भारत के समुद्री क्षेत्र के दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए IMW 2025 के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने भारत द्वारा वैश्विक समुद्री साझेदारी को सशक्त करने, निवेश आकर्षित करने और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बोलते हुए श्री सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की समुद्री यात्रा एक नए युग में प्रवेश कर रही है। उनके गतिशील नेतृत्व में हम देश के बंदरगाहों, नौवहन और लॉजिस्टिक्स प्रणालियों को और अधिक सक्षम, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में कार्यरत हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारत का समुद्री क्षेत्र विकास का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण से जुड़ा हुआ है। 2047 तक हमारा लक्ष्य विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचा तैयार करना, बड़े पैमाने पर निवेश को प्रोत्साहित करना और ब्लू इकॉनॉमी में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर भारत को एक वैश्विक समुद्री महाशक्ति बनाना है। इसके लिए 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹80 लाख करोड़) के समुद्री निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि “IMW 2025 एक ऐसा मंच होगा जहां विचार वास्तविक परियोजनाओं में बदलेंगे और वादे साझेदारी में परिणत होंगे। भारत दुनिया के साथ मिलकर एक समृद्ध, टिकाऊ और समावेशी समुद्री भविष्य के निर्माण के लिए नेतृत्व करने को तैयार है।”
मंत्री सोनोवाल ने यह भी बताया कि साल 2047 तक भारत समुद्री क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने के लक्ष्य पर कार्य कर रहा है, जिसके तहत लगभग ₹80 लाख करोड़ के निवेश और 1.5 करोड़ नौकरियों के सृजन की योजना बनाई गई है। साथ ही भारत ग्रीन शिपिंग और पर्यावरण-अनुकूल बंदरगाहों की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। यह सब विकसित भारत 2047 के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने बताया कि India Maritime Week 2025 में 100 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधि, 1 लाख से अधिक प्रतिभागी और 500 प्रदर्शक भाग लेंगे। इसमें सिंगापुर, यूएई, दक्षिण कोरिया, जापान और डेनमार्क के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। साथ ही इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO), UNESCAP, तथा अदानी पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स, कोचीन शिपयार्ड, पारादीप पोर्ट अथॉरिटी जैसी अग्रणी संस्थाएं भी हिस्सा लेंगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि और विभिन्न हितधारक उपस्थित थे।
India Maritime Week 2025 बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय का फ्लैगशिप इवेंट है, जो समुद्री प्रौद्योगिकी, बंदरगाह विकास, लॉजिस्टिक्स और स्थिरता के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति को प्रदर्शित करेगा। यह शिखर सम्मेलन नवाचार को प्रोत्साहित करेगा, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और सहयोग को बढ़ावा देगा, और भारत की वैश्विक समुद्री भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगा। यह आयोजन Maritime India Vision 2030 और Amrit Kaal Maritime Vision 2047 के उद्देश्यों को गति प्रदान करते हुए भारत की वैश्विक समुद्री नेतृत्व की स्थिति को और भी मजबूत करेगा।
इस दृष्टिकोण के परिणाम पहले से ही दिखाई देने लगे हैं
2014 के बाद से आंतरिक जलमार्गों पर माल ढुलाई में आठ गुना वृद्धि हुई है।
मुख्य बंदरगाहों पर टर्नअराउंड टाइम में 60% की कमी आई है और ₹5.5 लाख करोड़ से अधिक मूल्य की सागरमाला परियोजनाओं ने तटीय परिवहन में क्रांति ला दी है।
भारत आज दुनिया के 12% समुद्री कर्मियों की आपूर्ति करता है, जिससे भारत की क्षमता और नेतृत्व स्पष्ट होता है।
