राजेश जायसवाल/मुंबई
महाराष्ट्र की 29 नगर महानगरपालिकाओं के लिए प्रचार अभियान मंगलवार को थम गया है। मुंबई में बीएमसी की सत्ता पर काबिज होने के लिए बीजेपी नीत महायुति और एकजुट ठाकरे मोर्चे के बीच कांटे की टक्कर है। पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच गुरुवार को मतदान और शुक्रवार को नतीजों का ऐलान होगा।
इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने बुधवार को स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान अगर कोई तकनीकी दिक्कत आती है तो ही प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट (पीएडीयू) मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि पीएडीयू मशीनें सामान्य तरीके से वोट गिनने के लिए नहीं लगाई जाएंगी, बल्कि सिर्फ उन मामलों में जब बीएलई (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड) की वोटिंग मशीनों में कोई तकनीकी गड़बड़ी हो, तभी इन्हें बैकअप के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
एसईसी ने बताया कि बीएमसी चुनावों में इस्तेमाल हो रही बीएलई मशीनें ‘एम3ए’ मॉडल की हैं, जो कि चुनाव आयोग की हैं। वोट गिनती की प्रक्रिया के अनुसार, सबसे पहले बैलट यूनिट (बीयू) को कंट्रोल यूनिट (सीयू) से जोड़ा जाएगा और इसी के जरिए वोट गिने जाएंगे। पीएडीयू सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में काम आएगी।
मुंबई बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी ने भी कहा कि पीएडीयू मशीनें केवल बैकअप के तौर पर उपयोग की जाएंगी। एसईसी ने जारी किए गए बयान में कहा कि पीएडीयू डिवाइस केवल उन दुर्लभ मामलों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए जब तकनीकी समस्याओं के कारण सामान्य गिनती संभव न हो। इसके लिए कुल 140 पीएडीयू यूनिट्स बीएमसी चुनावों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। यदि किसी स्थिति में पीएडीयू का इस्तेमाल करना पड़े, तो यह बीएलई तकनीशियन की मौजूदगी में ही होगा।
खास बात यह है कि एसईसी ने पहले ही निर्देश दिए थे कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पीएडीयू मशीन का फंक्शनिंग दिखाया जाए. ताकि सभी को प्रक्रिया की जानकारी और पारदर्शिता के बारे में जानकारी मिल सके। इसके अनुसार, बीएमसी ने भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के लिए मशीन का व्यावहारिक डेमो करवा दिया।
यह स्पष्टीकरण उस समय आया जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिये वोटिंग प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पीएडीयू मशीन को बैकअप के रूप में पेश करने पर सवाल उठाए और कहा कि यह मशीन राजनीतिक दलों को पहले से नहीं दिखाई गई थी। उनका आरोप था कि एसईसी ने राजनीतिक दलों को इस डिवाइस की जानकारी तक नहीं दी।
राज ठाकरे ने कहा कि जब ईवीएम का इस्तेमाल होता है, तो पार्टी प्रतिनिधियों को बटन और मशीन की जांच करने के लिए बुलाया जाता है। लेकिन पीएडीयू मशीन के मामले में ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने इसे शुद्ध अराजकता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई नेताओं की लिखित पूछताछ के बावजूद एसईसी ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। इसकी जानकारी किसी को नहीं है। उन्होंने ये भी सवाल किया कि ये मशीन लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान क्यों नहीं लगाई गई, ये अचानक क्यों हुआ? उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सतर्क रहे।
महानगरपालिका पर किसका होगा कब्जा?
बता दें कि इस बार का बीएमसी चुनाव ‘मराठी बनाम गैर-मराठी’ पहचान की राजनीति से लबालब भरा हुआ है। मुंबई सहित महाराष्ट्र की 29 नगर महानगरपालिकाओं के 2,869 सीटों के लिए मतदान गुरुवार, 15 जनवरी को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की 227 सीटों और अन्य निकायों के चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुंबई में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा घेरे में 10 एडिशनल कमिश्नर, 33 डीसीपी और 84 एसीपी सहित होमगार्ड्स, एसआरपीएफ और क्विक रिस्पॉन्स टीमें शामिल हैं।
राज्य के कुल 3.48 करोड़ मतदाता 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे, जिनमें अकेले मुंबई से 1,700 और पुणे से 1,166 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति के लिए कमान संभाली, जबकि उद्धव और राज ठाकरे 20 साल बाद एकजुट होकर मराठी वोटों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।16 जनवरी को होने वाली मतगणना से तय होगा कि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका पर किसका कब्जा होने जा रहा है?
